दलितों-अतिपिछड़ों पर हमलों की बाढ़, रामसूरत राय ने गरीब की जमीन पर किया कब्जा*
दलितों-अतिपिछड़ों पर हमलों की बाढ़, रामसूरत राय ने गरीब की जमीन पर किया कब्जा*
जमुई जेल में डब्लू चौधरी की हुई हत्या, परिजनों ने लगाया आरोप
गया-नवादा में प्रदर्षन, एनडीए सरकार को जनता सत्ता से उखाड़ फेकेगी
जे टी न्यूज, पटना :
भाकपा-माले ने कहा है कि बिहार में दलितों-अतिपिछड़ों पर हमलों की बाढ़ है. पहले तो थाने के हाजत में हत्या के मामले सामने आते थे, अब जेल के अंदर विचाराधीन कैदियों की हत्या की जा रही है. एनडीए का शासन सामंती अपराधियों व दबंगों का शासन है. इस सरकार को बिहार की जनता आने वाले चुनाव में उखाड़ फेंकेगी.
विदित हो कि नवादा में निर्भय पांडेय नाम के एक क्लीनिक संचालक द्वारा मुसहर समुदाय से आने वाले संतोष मांझी की निर्मम हत्या, सीतामढ़ी के रून्नी सैदपुर में भाजपा मंत्री रामसूरत राय द्वारा अतिपिछिड़ी जाति के एक गरीब व्यक्ति की जमीन पर कब्जा और जमुई जेल में विचाराधीन कैदी डब्लू चौधरी की हत्या के मामले में भाकपा-माले की तीन अलग-अलग टीम जांच पर गई थी.
आज ये सभी जांच टीमों ने पटना में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और सरकार पर दलितों-अतिपिछड़ों व महिलाओं पर हमला करने वाली ताकतों कोे लगातार संरक्षण देने का आरोप लगाया. जमुई मामले में पीड़ित के परिजन भी पटना पहुंचे और उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई. जांच दल में क्रमषः गोपाल रविदास; का. वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, आफताब आलम व शत्रुघ्न सहनी तथा शशि यादव शामिल थे.
गोपाल रविदास ने कहा कि नवादा के संतोष मांझी की हत्या ने बिहार में गुंडा राज का चेहरा उजागर कर दिया है. एक मेहनतकश कंपाउंडर की पहले आँखें फोड़ी गईं, फिर बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी गई. सवाल उठता है कि दलितों के हक की बात करने वाले नेता, जीतन राम मांझी और चिराग पासवान आज चुप क्यों हैं? क्या उनकी राजनीति सिर्फ वोट तक सीमित है? यह घटना सरकार की लापरवाही और व्यवस्था की क्रूरता का चेहरा दिखाती है. भाकपा (माले) ने इस मामले में दोषी डॉक्टर की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है. जब तक न्याय नहीं मिलता, यह लड़ाई जारी रहेगी.
दूसरी टीम के हवाले से वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने कहा है कि भाजपा के मंत्री रामसूरत राय ने अतिपिछड़ी जाति के एक गरीब पप्पू ठाकुर की 1.5 डिसमिल जमीन पर कब्जा जमा लिया है. इस जमीन पर उनके परिवार का 1962 से कब्जा है. 1972 में सैदपुर कोठी के मालिक पषुपति नाथ मेहता ने उनके दादा स्व. झपसी ठाकुर को जमीन का पट्टा दिया था. उसी समय, वह जमीन सीलिंग की जमीन घोषित कर दी गई. इस जमीन पर पप्पू ठाकुर का कब्जा अबतक बररकार है लेकिन उनके पास जमीन का पर्चा नहीं है.
अब रामसूरत राय ने उसी जमीन को 2017 में अरविंद पांडेय से अपने नाम पर लिखवा लिया. इसके पहले जमीन मालिक पषुपति नाथ मेहता की लड़की अनुराधा मेहता से भूमाफिया अरविंद पोद्दार ने 2005 में अपने नाम करा लिया था. जबकि पप्पू ठाकुर बीजेपी के युवामंडल रून्नी सैदपुर से दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं लेकिन उनकी जमीन हड़पने से भी रामसूरत राय बाज नहीं आए.
तीसरी घटना जमुई की है, जहां जेल के भीतर डब्लू चौधरी की विगत 22 अगस्त को हत्या कर दी गई. पीड़ित के परिजन आज पटना पहुंचे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि एक मुकदमे के सिलसले में 18 अगस्त डब्लू चौधरी, पिता – महेन्द्र चौधरी, घर- तेलवा बाजार, प्रखंड – झाझा, थाना – सिमुल्लतला, जमुई, को गिरफ्तार कर लिया गया. उसी दिन जेल से परिजनों को फोन आया कि 10 हजार रु. देने पर जेल के अंदर उनके रहने-खाने का प्रबंध किया जाएगा वरना उन्हें मारा पीटा जाएगा. परिजनों ने दबाव में आकर 2000 रु. भी दे दिए. बाकी पैसों की मांग लगातार होती रही लेकिन यह पैसा गरीब परिवार नहीं दे सका. 22 अगस्त को परिजनों को बताया गया कि डब्लू चौधरी की हालत बहुत खराब है. मीडिया के हवाले से पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है. पोस्टमार्टम भी कर दिया गया. लेकिन परिवार वालों ने डेड बाॅडी देखकर कहा कि उनकी हत्या हुई है. परिजनों ने आरोप लगाया कि बाकी के 8000 रु. नहीं देने के कारण उनकी हत्या कर दी गई. इसकी शिकायत उन्होंने एसपी से भी की लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
भाकपा-माले ने कहा है कि इन सभी मामलों में पीड़ित परिजनों को न्याय मिलना चाहिए. बिहार की जनता इस बार आतताई सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेगी.

