शारदीय नवरात्र में माँ दुर्गा की आराधना,पूजा से मान,सम्मान, सुख, स्वास्थ्य, धन,धान,यश और आयुश में बढत होती है ।
शारदीय नवरात्र में माँ दुर्गा की आराधना,पूजा से मान,सम्मान, सुख, स्वास्थ्य, धन,धान,यश और आयुश में बढत होती है ।
जेटी न्यूज़ हाजीपुर/ वैशाली :
शक्ति की अधिष्ठात्री माँ दुर्गा और शारदीय नवरात्र पूजा-पाठ को लेकर पूरा शहर ,गली,मोहल्ला श्रद्धा और भक्ति के माहौल में सराबोर हो चुका है। दुर्गा सप्तशती के मंत्र से सार्वजनिक पूजा पंडाल ,आवासीय परिसर और मठ मंदिर माँ दुर्गा के मंत्र से गुंजायमान है।
चौक-चौराहा की सजावट,बिजली की चमक-धमक को तो सभी देखते और आनंद लेते है ,मगर इन सबसे हटकर शहर के भीतरी मुहल्ले में तथा गांव की गलियों में भी कहीं- कहीं माँ की पूजा बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ किया जाता है।
ऐसीही एक पूजा जो सहदेईबुज़ुर्ग के शारदा सदन में होता था। स्वातंत्रवीर विश्वनाथ प्रसाद श्रीवास्तव की मृत्युके पश्चात उस पूजा-पाठ को
उनके सुपुत्र साहित्यकार रवीन्द्र कुमार रतन ने श्रद्धा और विश्वास के साथ 1997 में हाजीपुर के सुभाष नगर स्थित सेनानी-सदन में लाकर आचार्य काशी नाथ झा ,आचार्य विनय झा और वर्तमान में आचार्य पंकज मिश्र से पूरे विधि विधान से पिछले 28 वर्षों से करा रहे हैं।
सेनानी-सदन के पंडाल को लाल रंग के सागर से सजाकर आयोजित नवरात्र अनुष्ठान और दुर्गा उत्सव को सफल बनाने में सबका साथ सबकी भागीदारी होती है । घर के जिस सदस्य को जो मन करता है वही पाठ का संकल्प लेते है मगर पंडित जी पूरा पाठ और मंत्र जाप का संकल्प ले कर पूजा फलाहार में करते है। दुर्गा सप्तशती के पाठ के अलावा कुंजीकास्तोत्र , कवच, अर्गला मंत्र, गायत्री मंत्र का जाप होता है।
यहां पर केवल मूर्ति की जगह सभी माँ की तस्वीर रहती है बाकी सब नियमानुसार होताहै।
मुहल्ले के लोगों एवं रवीन्द्र रतन का विश्वास है कि यहा माँ से जो भी इच्छा मन मे रखकर पूजा लोग करते हैं मनोकामना पूर्ण होती है ।आयोजन की सफलता के लिए
सरोज सहाय , प्रिती प्रकाश , सुशीला देवी, पंकज मिश्र, प्रमोद सिह, विकास, रीता देवी, बिनोद , अव्यान श्रीवास्तव आदि का सहयोग सराहनीय रहता है।