अरावली सहित देश भर में चल रहे पर्यावरण बचाने के आंदोलन के समर्थन में भाकपा माले का प्रदर्शन
अरावली सहित देश भर में चल रहे पर्यावरण बचाने के आंदोलन के समर्थन में भाकपा माले का प्रदर्शन

जे टी न्यूज, पटना: केंद्र की मोदी सरकार देश की जनता के लिए नहीं अडानी अंबानी के लिए काम कर रही है– मीना तिवारी
अरावली की नई परिभाषा पर जल्द रोक लगे, पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं – महबूब आलम
पर्यावरण बचाओ देश बचाओ दिवस के तहत पटना के बुद्ध स्मृति पार्क के सामने भाकपा माले ने अरावली, ग्रेट निकोबार, हिमालय एवं हसदेव अरण्य के जंगलों एवं पहाड़ों को पूंजीपतियों के हवाले करने एवं उन्हें खत्म करने के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को भाकपा माले के पूर्व विधायक महबूब आलम, पोलित ब्यूरो सदस्य मीना तिवारी, वरिष्ठ नेता केडी यादव, सामाजिक कार्यकर्त्ता अशरफी सदा,आइसा नेता कुमार दिव्यम ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन भाकपा माले के नगर सचिव जितेंद्र कुमार ने किया।
पोलित ब्यूरो सदस्य मीना तिवारी कहा कि एक तरफ़ मोदी सरकार झूठ पर झूठ बोल रही है, और दूसरी तरफ़ उसके कारपोरेट मित्र—सरकार की तथाकथित ‘ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस’ नीति के पूरे संरक्षण में—हमारी साँसों की हवा, पीने का पानी, जंगल, पहाड़ और प्रकृति को बेरहमी से तबाह कर रहे हैं। जब पूरी दुनिया जलवायु संकट और उसके गरीब–कमज़ोर लोगों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित है, तब यह सरकार बेशर्मी से पर्यावरण विनाश के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।आज देश भर में जंगलों पहाड़ों को बड़े बड़े पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है।इसके लिए पर्यावरण के नियमों को ताक पर रख दिया जा रहा है।
भाकपा माले के पूर्व विधायक महबूब आलम ने कहा कि देश के जल जंगल जमीन को पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है देश भर में इसके खिलाफ आवाज उठ रहे हैं लेकिन सरकार नियमों को ताक पर रख के अवैध ढंग से उन्हें सौंप रही है।उत्तराखंड में मोदी सरकार ने 900 किलोमीटर की चारधाम सड़क परियोजना को जानबूझकर 100 किलोमीटर से कम के 53 हिस्सों में बाँट दिया, ताकि बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए ज़रूरी समग्र पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (ईआईए) से बचा जा सके।
ग्रेट निकोबार स्वैप यानी कम्पेन्सेटरी अफ़ॉरेस्टेशन के नाम पर, सरकार ने मेगा विकास परियोजना के लिए ग्रेट निकोबार द्वीप के 130 वर्ग किलोमीटर के प्राकृतिक उष्णकटिबंधीय जंगल को नष्ट कर दिया। इसके तथाकथित मुआवज़े के तौर पर हरियाणा की अरावली में पौधारोपण दिखाया गया—जो निकोबार से करीब 2,400 किलोमीटर दूर है और पूरी तरह अलग पारिस्थितिकी और जलवायु में स्थित है। इस खुले पर्यावरणीय धोखाधड़ी को अब ‘अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट’ के नाम से पेश किया जा रहा है।
कार्यक्रम में भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य मीना तिवारी , केंद्रीय कमेटी की सदस्य सरोज चौबे, पूर्व विधायक महबूब आलम, वरिष्ठ नेता, केडी यादव , शहजादे आलम , संजय यादव , शंभूनाथ मेहता, अनुराधा, राखी मेहता, आइसा नेत्री सबा, ऋषि, संस्कृतिकर्मी प्रमोद यादव, आरवाईए नेता विनय कुमार,मुर्तजा अली,पुनीत, विभा गुप्ता,तपेश्वर मांझी, कर्मचारी नेता रामबली प्रसाद दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थें।

