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यही बात जनवरी की ख़ास लगती है,
हवाएं सर्द होती है चाय की प्यास लगती है !
उफ़ ये कोहरे ,ये हवाएं ,ये पत्तों की सरसराहट ,
जैसे यूं लगे कि जनवरी को दिसंबर के बिछड़ जाने की अहसास लगती है !
हवाएं सर्द,ओस की बूंदे मानो जैसे मोतियों से पिरोई हरी घास लगती हैं,
यही बात जनवरी की ख़ास लगती हैं,
हवाएं सर्द होती हैं, तो चाय की प्यास लगती है !!

प्रिया यदुवंशी
समस्तीपुर, विभूतिपुर
कल्याणपुर

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