21 मार्च को पूर्णिया में सजेगा सरहुल बाहा महोत्सव, शोभायात्रा से गूंजेगा शहर
21 मार्च को पूर्णिया में सजेगा सरहुल बाहा महोत्सव, शोभायात्रा से गूंजेगा शहर

जे टी न्यूज, पूर्णिया :
पूर्णिया में आगामी 21 मार्च को सरहुल बाहा पूजा महोत्सव पूरे उल्लास और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। यह महोत्सव बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में गिरजा चौक स्थित राजेंद्र बाल उद्यान में आयोजित होगा।
महोत्सव की तैयारियों को लेकर राजेंद्र बाल उद्यान के समीप स्थित आदिवासी विकास परिषद भवन में विधायक विजय खेमका की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा एवं व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, एक दिवसीय महोत्सव के तहत जनता चौक से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो गाजे-बाजे और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ राजेंद्र बाल उद्यान पहुंचेगी। यहां प्रकृति पूजा, आदिवासी पारंपरिक नृत्य-गान, नामी कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, महाप्रसाद वितरण, उद्घाटन समारोह और सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विधायक विजय खेमका ने बताया कि महोत्सव का उद्घाटन बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लेसी सिंह मौजूद रहेंगी। इसके अलावा कटोरिया विधायक पूरन लाल टुडू, बिहार राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष शैलेंद्र गढ़वाल, वनवासी कल्याण आश्रम के प्रदेश अध्यक्ष परमेश्वर मुर्मू सहित कई गणमान्य अतिथि कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

विधायक ने कहा कि एनडीए सरकार जहां विकास की गति को तेज कर रही है, वहीं लोककला, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐसे महोत्सवों को बढ़ावा भी दे रही है। उन्होंने कहा कि पूर्णिया विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त कर रहा है और जनभागीदारी से ऐसे आयोजन और भव्य बन रहे हैं।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, राजनीतिक प्रतिनिधि, पूजा महोत्सव स्वागत समिति, आदिवासी विकास परिषद के सदस्य एवं स्थानीय वेंडर्स शामिल हुए। प्रशासन द्वारा कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, मेडिकल टीम और विधि-व्यवस्था सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अंत में पूजा स्वागत समिति के अध्यक्ष माया राम उरांव ने बैठक में उपस्थित सभी अतिथियों एवं सदस्यों के प्रति आभार प्रकट किया।
*खास बात*
सरहुल बाहा महोत्सव न सिर्फ एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि आदिवासी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति आस्था का जीवंत उत्सव भी है, जो पूर्णिया की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देता है।

