राज्य स्तरीय डिफेंस वर्कशॉप का आयोजन रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में बिहार की संभावनाओं, कौशल विकास एवं नवाचार को बढ़ावा देने पर हुआ विचार-विमर्श

राज्य स्तरीय डिफेंस वर्कशॉप का आयोजन

रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में बिहार की संभावनाओं, कौशल विकास एवं नवाचार को बढ़ावा देने पर हुआ विचार-विमर्श

जे टी न्यूज, पटना: उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा कौशल विकास, उद्योग-अकादमिक सहयोग, अनुसंधान एवं नवाचार विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
यह कार्यशाला भारत सरकार के रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित किए जा रहे राष्ट्रीय स्तरीय विभागीय सम्मेलन की तैयारी प्रक्रिया का हिस्सा थी। सम्मेलन के अंतर्गत राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को रक्षा प्रतिष्ठानों, उद्योगों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों एवं उद्योग संघों के साथ संरचित विचार-विमर्श आयोजित करने का दायित्व सौंपा गया है।
इस डिफेंस वर्कशॉप का उद्देश्य रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में बिहार की संभावनाओं को रेखांकित करना, उद्योग-अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना तथा कौशल विकास एवं नवाचार आधारित पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों, आईआईएम बोधगया, आईआईटी पटना, आईआईआईटी भागलपुर सहित अन्य शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों, स्टार्टअप संस्थापकों, निवेशकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा उद्यमियों ने भाग लिया।
श्री बिनोद कुमार, उप महानिदेशक (DDG), रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में भारत सरकार की प्राथमिकताओं, उभरते अवसरों तथा राज्यों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों, स्थानीय उद्योगों की संभावित भागीदारी तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत विकसित हो रहे रक्षा उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रकाश डाला।
इसके उपरांत श्री मुकुल कुमार गुप्ता, निदेशक, उद्योग निदेशालय, उद्योग विभाग ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार में रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के कई स्टार्टअप ड्रोन निर्माण एवं संबंधित तकनीकों पर कार्य कर रहे हैं, जो भविष्य में रक्षा क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग वर्तमान में एयरोस्पेस एवं डिफेंस प्रमोशन पॉलिसी पर कार्य कर रहा है, ताकि इस क्षेत्र में निवेश आकर्षित किया जा सके और स्थानीय उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने यह भी बताया कि रक्षा क्षेत्र में निवेश एवं विनिर्माण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहनों के प्रावधानों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने बिहार में रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र के विकास की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। स्टार्टअप संस्थापकों ने रक्षा क्षेत्र में ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेंसर तकनीक एवं उन्नत विनिर्माण समाधानों के लिए उपलब्ध अवसरों की चर्चा करते हुए राज्य स्तर पर परीक्षण, प्रोटोटाइपिंग एवं नवाचार सहयोग तंत्र को और मजबूत करने का सुझाव दिया। निवेशकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने बिहार में उपलब्ध प्रतिभा, प्रतिस्पर्धी लागत एवं उभरते औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को रक्षा क्षेत्र में निवेश के लिए अनुकूल बताते हुए राज्य सरकार द्वारा की जा रही पहल का स्वागत किया। रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सहयोग तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

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