दिल्ली संसद पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बर्बर पुलिस राज के दोषियों को जेल दो
संसद पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के उपर निर्ममतापूर्ण लाठी चार्ज के दोषियों को गिरफ्तार करो
दिल्ली संसद पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बर्बर पुलिस राज के दोषियों को जेल दो
संसद पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के उपर निर्ममतापूर्ण लाठी चार्ज के दोषियों को गिरफ्तार कर

जे टी न्यूज, दिल्ली: बिहार राज्य किसान सभा के उपाध्यक्ष प्रभुराज नारायण राव ने नीट पेपर लीक के लिए एक मात्र जवाबदेह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा तथा भ्रष्ट राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को समाप्त करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हजारों छात्र-युवा प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज ,आंसू गैस के गोले तथा पानी की बौछार मोदी सरकार तथा दिल्ली पुलिस की बहशिपन को उजागर करता है। हजारों छात्र घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत अति गंभीर बताई जा रही है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की ओर से किसी प्रकार का कोई उकसावा नहीं था। गृह मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के इशारे पर इस प्रकार की बर्बरता किसी भी लोकतंत्र में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

पिछले 25 दिनों से छात्र जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अनशन और आंदोलन कर रहे हैं।आमरण अनशन पर बैठे प्रख्यात वैज्ञानिक सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से रातों रात जबरन पुलिस और भाजपाई गुण्डों द्वारा उठा कर अस्पताल ले जाना इस मोदी सरकार की घिनौने चेहरे को दर्शाता है।देश की जनता की अपेक्षा थी कि भारत सरकार, विशेषकर प्रधानमंत्री, उनसे बात कर उनकी न्यायसंगत मांगों को स्वीकार करेंगे। इसके बजाय इस प्रकार का निर्मम दमन करना तथा दिल्ली पुलिस को छात्रों और युवाओं का शत्रु सेना की तरह शिकार करने की खुली छूट देना दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार दोनों के लिए अत्यंत शर्मनाक है। आंसू गैस और पानी की बौछार के व्यापक इस्तेमाल और सैकड़ों छात्रों के सिर पर गंभीर चोटें लगने की घटनाओं शीघ्र न्यायिक जांच, दोषियों की पहचान तथा इस प्रकार की ज्यादती के लिए जिम्मेदार शीर्ष लोगों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई अविलंब हो।

दिल्ली छात्र आंदोलन पर हुई निर्मम कार्रवाई के खिलाफ 21 जुलाई 2026 को आयोजित छात्र विरोध दिवस में देश का छात्र,नौजवान,किसान और मजदूर समुदाय बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा ने भी छात्रों द्वारा निकाले गए विशाल, शांतिपूर्ण संसद मार्च को सलाम करते हुए भाजपा-नीत शासन के तहत लागू ‘अघोषित आपातकाल’ की परिस्थितियों में भारत में लोकतंत्र के पुनर्जागरण का प्रतीक बताया है। यह इस बात का भी प्रमाण है कि देश की युवा पीढ़ी समाज के मूल नैतिक मूल्यों के प्रति संवेदनशील है और उनके लिए त्याग करने को तैयार है। इसलिए भारत का भविष्य युवा पीढ़ी के हाथों में सुरक्षित है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने देशभर के किसानों से अपील किया है कि वे तब तक छात्रों के संघर्ष का सक्रिय समर्थन करें, जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, एन टी ए को रद्द नहीं किया जाता तथा प्रश्नपत्र लीक और 20 से अधिक निर्दोष विद्यार्थियों की आत्महत्याओं के लिए जिम्मेदार दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा नहीं चला कर उन्हें जेल नहीं दिया जाता।
