प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका

जे टी न्यूज, खगड़िया: सीपीआईएम के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर खगड़िया में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका गया।दिन के 3 बजे सीपीआईएम जिला कार्यालय से दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता नरेन्द्र मोदी और धर्मेन्द्र प्रधान का पुतला के साथ धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफा दो के नारे लगाते हुए मार्च निकाला।यह मार्च सीपीआईएम जिला कार्यालय से निकाल कर अनुमंडल कार्यालय तक गया,बाद में फ्लाई ओवर ब्रिज पर दोनों पुतले को आग के हवाले कर विरोध जताया।मौके पर पार्टी राज्य सचिवमंडल सदस्य संजय कुमार ने प्रतिरोध सभा को संबोधित करते हुए कहा आज देश भारी संकट के भंवरजाल में फंस चुका है।पिछले 13 वर्षों से केन्द्र की सत्ता संभाल रही भाजपा सरकार लगातार देश की लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने में लगी है।तमाम संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता समाप्त कर उसका इस्तेमाल लोगों के जनतांत्रिक अधिकारों पर हमले करने,चुनाव जीतने और उससे भी आगे विपक्षी सांसदों व विधायकों को तोड़ कर अपने मन माफिक जनविरोधी नीतियों को लागू करवा रही है।उन्होंने कहा यही वजह है कि देश में लगातार छात्रों व युवाओं को नौकरी और रोजगार दिलाने बाली बड़ी _ बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर सुनियोजित तरीके से लीक किया जा रहा है,ताकि उन्हें देश गरीब और मध्यम वर्ग से आने वाले बच्चों को नौकरी नहीं देना पड़े।संजय कुमार ने कहा पिछले दिनों नीट पेपर लीक हो गया,जिसमें 22 लाख बच्चे शामिल थे,जिसका परीक्षा तो लिया गया,लेकिन साजिश के तहत पेपर लीक कर उसे रद्द कर दिया गया।इनमें से ज्यादातर बच्चों के माता पिता कड़ी मेहनत और मजदूरी कर अपने बच्चे को पढ़ाया लिखाया,नीट के प्रतियोगी परीक्षा के काबिल बनाया,मगर सरकार ने एक झटके में पेपर लीक करा कर उन बच्चों की कमर तोड़ दी।बच्चों के भविष्य के सामने अंधेरा छा गया,जिस सदमें को कई बच्चे बर्दाश्त नहीं कर पाया और अब तक उनमें से 22 बच्चों ने आत्महत्या कर लिया।नीट के बाद भी कई परीक्षाओं के पेपर लीक की घटनाएं घटी,मगर केन्द्र की मोदी सरकार इतनी बड़ी घटना जिसने देश लाखों बच्चों का भविष्य बर्बाद कर दिया,उसकी जिम्मेदारी तय नहीं कर पाई।ऐसे में देश भर के लाखों छात्रों,युवाओं ने कॉकरोच जनता पार्टी और विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले इसके मुख्य जिम्मेदार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर पिछले 30 दिन पूर्व दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना शुरू किया,जिसके समर्थन में 22 दिन पूर्व भारत के महान शिक्षाविद साइंटिस्ट व सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।केन्द्र की मोदी सरकार को तुरंत छात्र नेताओं और सोनम वांगचुक से बात कर अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिए,जो ऐसा नहीं कर अपने घोर तानाशाही रास्ते पर आगे बढ़ते हुए धरना स्थल से 18 जुलाई को पुलिसिया ताकत का इस्तेमाल करते हुए सोनम वांगचुक को घसीटते हुए अस्पताल पहुंचा दिया और छात्रों के साथ भी धक्कम मुक्की की।18 जुलाई का यह दृश्य हिटलर के फांसीवादी रास्ते की याद दिलाता है।

उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक और धरना स्थल पर बैठे छात्र नेताओं के पूर्व घोषित कार्यक्रम यानि धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा नहीं तो आगामी 20 जुलाई को यानि आज संसद मार्च कर सरकार से जवाब मांगा जाएगा,छात्रों का विशाल जुलूस मार्च शुरू तो किया,लेकिन केन्द्र सरकार ने आज भी बातचीत कर समस्याओं के हल का रास्ता निकालने के बजाय दमनकारी रुख अख्तियार किया,जो घोर निंदनीय है।सीपीआईएम ना सिर्फ इस तरह के दमनकारी नीतियों का विरोध करती है,बल्कि आज खगड़िया सहित पूरे देश के सड़कों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंक कर हमारे होनहार बच्चे जो देश के भविष्य का नींव हैं,के आंदोलन का खुला समर्थन करती है।
आज के कार्यक्रम में सीपीआईएम जिला सचिवमंडल सदस्य कुन्दन मेहता,वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिंह, जिला कमिटी सदस्य अमर यादव,संजीव कुमार,माला देवी,अनिल वर्मा,रामविलाश वर्मा,मंजीत कुमार सहित 50सों पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
