बिहार सरकार सरस्वती विद्या निकेतन को मॉडल स्कूल बताकर, जनता के आँखों में धूल झोक रही है:- डॉ. उर्मिला ठाकुर

बिहार सरकार सरस्वती विद्या निकेतन को मॉडल स्कूल बताकर, जनता के आँखों में धूल झोक रही है:- डॉ. उर्मिला ठाकुर

जे टी न्यूज, पटना: राष्ट्रीय जनता दल की प्रदेश प्रवक्ता- सह – विधान पार्षद डॉक्टर उर्मिला ठाकुर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री 551सरस्वती विद्या निकेतन विद्यालयों का उद्घाटन कर, इस विद्यालय को माॅडल स्कूल बतलाकर बिहार की जनता के आँखों में धूल झोकनें का काम कर रही है। डॉ. ठाकुर ने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि सरस्वती विद्या निकेतन में 9वीं से 12वीं के छात्रों का प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से चयन किया जायेगा और उस छात्रों को विशेष प्रशिक्षण देकर कठिन प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी। जब प्रतियोगिता के माध्यम छात्रों का चयन होगा तो पूर्व से संपोषित क्षेत्र के बच्चों का क्या होगा..? फ़िर वे कहाँ पढ़ेगें..?आख़िरकार संपोषित क्षेत्र के छात्र इस विद्यालय में नामांकन से वंचित रह जाएंगे। क्या ये संपोषित क्षेत्र के छात्रों के अन्यान्य नहीं है..? जब सरकार अलग से बिल्डिंग एवं छात्रावास बनाने की बात कर रही है तो फिर पूर्व से कार्यरत विद्यालयों में सरस्वती विद्या निकेतन खोलने की आवश्यकता क्यों हुई। सरकार पूर्व से करोड़ों की संपत्ति देकर विद्यालयों में ज़मीन दान देकर शिक्षा का अलख जगाने वाले दान दाताओं के नाम से संचालित विद्यालयों का नाम मिटाने की साज़िश कर रही है। सरकार उक्त विद्यालयों में अलग से शिक्षक, विद्यालय भवन एवं होस्टल खोलने की बात कर रही है तो फिर अलग से ज़मीन की व्यवस्था या जमीन अधिग्रहण कर क्यों नहीं विद्यालय खोलती है। जब विद्यालय का निर्माण नहीं हुआ, जब विद्यालय में नामांकन हेतु छात्रों का चयन नहीं हुआ, जब शिक्षकों का चयन नहीं हुआ तो फिर विद्यालय का उद्घाटन क्यों..? तीसरी बात विद्या मंदिर का रंग भगवा करके एवं विद्यालयों का नाम बदलकर सरकार क्या संदेश देना चाहती है..? विद्यालय निर्माण नहीं, छात्रों का चयन नहीं, शिक्षकों का चयन नहीं और उद्घाटन पहले…! कुल मिलाकर राज्य सरकार बिहार की जनता के आँखों में धूल झोकनें का काम कर रही है।

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