अब डिजिटल होगा उर्वरक वितरण, मोबाइल ऐप से किसान कर सकेंगे ऑनलाइन बुकिंग

जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण, डिजिटल उर्वरक प्रणाली लागू

अब डिजिटल होगा उर्वरक वितरण, मोबाइल ऐप से किसान कर सकेंगे ऑनलाइन बुकिंग
जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण, डिजिटल उर्वरक प्रणाली लागू

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जे टी न्यूज,मधुबनी : किसानों को उर्वरक खरीद में सहूलियत प्रदान करने, वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने तथा उर्वरक की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से कृषि विभाग, बिहार द्वारा डिजिटल उर्वरक खरीद एवं वितरण प्रणाली लागू की गई है। यह व्यवस्था मधुबनी जिले में भी प्रभावी रूप से लागू की गई है।
जिला कृषि पदाधिकारी, मधुबनी सुदामा ठाकुर ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत किसान अब अपनी आवश्यकता के अनुसार मोबाइल ऐप ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ (Framework For Fertilizer Sale) के माध्यम से उर्वरक की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे। बुकिंग के बाद किसान को एक क्यूआर कोड प्राप्त होगा, जिसके आधार पर अधिकृत उर्वरक विक्रेता से निर्धारित मात्रा में उर्वरक का उठाव किया जा सकेगा। बुकिंग के बाद उर्वरक का उठाव अधिकतम तीन दिनों के अंदर किया जा सकेगा। इससे किसानों को उर्वरक के लिए दुकानों का अनावश्यक चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
नई व्यवस्था के तहत किसान किसान आईडी अथवा आधार आधारित ई-केवाईसी के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। किसान आईडी वाले किसानों के लिए आधार-लिंक्ड ओटीपी अथवा फेसियल ऑथेंटिकेशन के माध्यम से सत्यापन की सुविधा उपलब्ध है। किसान आईडी दर्ज करने पर भूमि संबंधी विवरण एवं रकबा स्वतः प्राप्त किया जा सकेगा। किसान आईडी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में आधार आधारित सत्यापन के बाद भूमि एवं कृषक की स्थिति से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज करने का प्रावधान है।
पंजीकरण के दौरान किसान की पहचान, भूमि एवं खेती से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके बाद किसान अपने खेत में बोई गई फसल के आधार पर अनुशंसित मात्रा में उर्वरक का चयन कर ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे। ऐप में ‘My Farm’ सेक्शन के माध्यम से फसल एवं उससे संबंधित विवरण दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है। फसल के चयन के बाद ऐप में रकबा एवं फसल के आधार पर सामान्य उर्वरक अनुशंसा (GFR) प्रदर्शित होगी। किसान अनुशंसित मात्रा के अनुसार उर्वरक खरीद सकेंगे तथा उपलब्ध विकल्पों के आधार पर वांछित उर्वरक उत्पाद एवं मात्रा का चयन कर सकेंगे।
उर्वरक का चयन करने के बाद किसान उपलब्धता के अनुसार एक या एक से अधिक खुदरा विक्रेताओं का चयन कर सकेंगे। प्रत्येक चयनित खुदरा केंद्र के लिए अलग QR कोड/टोकन नंबर जनरेट होगा। किसान स्वयं उर्वरक का उठाव कर सकते हैं अथवा अपने प्रतिनिधि के माध्यम से उर्वरक उठवाने का विकल्प चुन सकते हैं। आवेदन सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद प्राप्त QR कोड को मोबाइल में सुरक्षित रखना होगा। इसी QR कोड के माध्यम से चयनित खुदरा विक्रेता से उर्वरक की खरीद की जा सकेगी।


डिजिटल प्रणाली के माध्यम से उर्वरक की मांग, उपलब्धता, बिक्री एवं वितरण का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। इससे उर्वरक वितरण की निगरानी में विभाग को सुविधा होगी तथा अनियमित वितरण, जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।
जिला कृषि पदाधिकारी सुदामा ठाकुर ने किसानों से अपील की है कि वे अपना किसान पंजीकरण एवं आवश्यक विवरण अद्यतन रखें तथा उर्वरक खरीद के लिए निर्धारित डिजिटल प्रक्रिया का ही उपयोग करें। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों, कृषि कर्मियों एवं उर्वरक विक्रेताओं को किसानों को नई व्यवस्था की जानकारी देने तथा आवश्यक सहयोग एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

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