डॉ रिंकी कुमारी प्रोफेसर विमेंस कॉलेज समस्तीपुर शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं

डॉ रिंकी कुमारी प्रोफेसर विमेंस कॉलेज समस्तीपुर शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं

जे टी न्यूज, समस्तीपुर: प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति में गुरु को भगवान से भी ऊपर का दर्जा दिया गया है, क्योंकि u ही हमें अज्ञानता के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं.|
प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु को सर्वोच्च स्थान देते हुए कहा गया है—”गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥”
यह श्लोक प्रमाणित करता है कि शिक्षक ही समाज में नए विचारों का सृजन करता है। आज का दिन देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर महानगरों तक के उन सभी राष्ट्र-निर्माताओं को सलाम करने का है, जो तमाम चुनौतियों के बाद भी देश का भविष्य संवार रहे हैं। वास्तव में, शिक्षकों का सम्मान केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना ही एक प्रबुद्ध समाज की सच्ची पहचान है।
। बच्चा कुम्हार के चाक पर रखी उस गीली मिट्टी की तरह है, जिसे एक शिक्षक अपनी ममता की थपकी और कड़े अनुशासन की ओट देकर ‘पात्र’ बनाता है। वे केवल अक्षर-ज्ञान की बैसाखी नहीं थमाते, बल्कि आसमान को छूने के लिए पंखों को मज़बूती देते हैं। डॉ. राधाकृष्णन का यह जनमोत्सव इस बात का गवाह है कि इस धरा पर ईश्वर के बाद अगर कोई सृजनकर्ता है, तो वह शिक्षक है। जब तक समाज में गुरु का मस्तक ऊँचा है, तब तक हमारे देश की रीढ़ और संस्कृति दोनों महफूज़ हैं।


माता-पिता हमें जीवन देते हैं, लेकिन शिक्षक हमें उस जीवन को जीने की कला और नैतिकता का दृष्टिकोण देते हैं|
शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देने के साथ-साथ चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सभी सम्माननीय शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ

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