भूमि बचाओ संघर्ष मोर्चा पटना ने खुलेआम नारा दिया था, भाजपा हराओ,खेत बचाओ एनडीए हराओ बिहार बचाओ।
भूमि बचाओ संघर्ष मोर्चा पटना ने खुलेआम नारा दिया था, भाजपा हराओ,खेत बचाओ एनडीए हराओ बिहार बचाओ।

जे टी न्यूज़, पटना : सम्राट सरकार का शपथ ग्रहण होते ही तीन सदस्यी मंत्रिमंडल ने अंबानी अडानी को गुजरात की तरह बिहार को सुपुर्द करने के लिए एकाएक तुगलकी फरमान के जरिए बिहार के लगभग चार लाख एकड़ जमीन पर ग्रीनलैंड सेटलाइट टाउनशिप की घोषणा कर लगभग 1150 गांव में लोगों का जीना हराम कर दिया। दिल्ली से लेकर मुल्क के 800 शहरों में पटना,जहानाबाद एवं सिवान जैसा छात्रों के शांतिपूर्ण रैली पर पुलिसिया तांडव, छोटे-छोटे बच्चे एवं बच्चियों पर लाठी और गोली की बौछार नें भाजपा को हराने के लिए ताबूत का आखरी कील बना।
मोदी सरकार की पुर्व नियोजित योजनानुसार हमारे बाप दादा की गाढी कमाई से अर्जित भूमि की खरीद बिक्री पर एकाएक रोक लगा दी गई।हम अपने जमीन पर घर भी नहीं बना सकता हूं।अपने बीमार बाप को इलाज के लिए उनके द्वारा अर्जित जमीन भी नहीं बेच सकता हूँ।सम्राट सरकार के इस तानाशाही फैसले के खिलाफ किसानों एवं मजदूरों में भारी आक्रोश था।जो पटना के विभिन्न प्रखंडों पर किसानों का गुस्सा धरना व प्रदर्शन के रूप में फूटा।सरकारी तंत्र एवं समाचारपत्रों के माध्यमों से किसानों ने अपना संदेश सरकार तक पहुंचाने का काम किया। मगर सत्ता के नशे में चूर बिहार सरकार किसानों के आक्रोश को कोई तब्बजो नहीं दी। मजबूरन पुनपुन,मसौढ़ी,संपतचक, दनियावां,फतुहा,नौबतपुर, धनरुआ,फुलवारी और सदर प्रखंड के किसानों एवं मजदूरों ने निर्णय लिया कि बांकीपुर में एनडीए को हराया जाए।तभी सरकार किसान के दर्द को समझेगा। इसके लिए बांकीपुर चुनाव में मतदाताओं के बीच जाकर अभियान चलाया जाए। बांकीपुर के मतदाताओं से संपर्क साधा और अपना दुखड़ा सुनाया।घर-घर जाकर मतदाताओं से बाँकीपुर चुनाव में एनडीए उम्मीदवार को हराने का अनुरोध किया। चौक- चौराहों पर नुक्कड़ सभा कर मतदाताओं से अपील किया।जिसमें इलाके के सभी जाति के किसान मजदूर भाग लिए।निश्चितरूप से इसका असर बाँकीपुर विधानसभा के मतदाताओं पर हुआ और सभी जाति के लोग एनडीए उम्मीदवार को हराने के लिए प्रशांत किशोर को अपना मत दिया। जिसका परिणाम बाँकीपुर चुनाव में एनडीए की अप्रत्याशित पराजय हुई।संयुक्त किसान मोर्चा बिहार के नेता दिनेश कुमार,अशोक प्रसाद सिंह,देव कुमार सिंह, डॉ आनंद किशोर, रमेश कुमार सिंह,मनीष कुमार तथा भूमि बचाओ संघर्ष मोर्चा के नेता जगपति सिंह, धर्मेंद्र सिंह चौहान,इं अनिल कुमार सिंह,मुखिया पिंकू सिंह,विनोद सिंह,मुखिया रवि कुमार,राजेश रंजन सिंह, एवं संजय कुमार सिंह आदि ने सरकार से मांग किया है कि सरकार अविलंब सेटलाइट टाउनशिप निर्माण का फैसला वापस ले तथा स्मार्ट गांव और कृषि आधारित कल कारखाना के निर्माण के साथ भारतमाला सड़क परियोजना हो या चौसा थर्मल सहित सभी योजनाओं में अधिग्रहित भूमि का वर्तमान बाजार दर से चार गुना मुआवजा एवं आरजी के तहत अन्य सुविधाओं की सरकार घोषणा करें। खाद बीज की कालाबाजारी पर अविलंब रोक लगे।60 साल की उम्र से सभी पुरुष एवं महिला किसानों एवं मजदूरों को कम से कम 10000 रु मासिक पेंशन,कृषि बाजार समिति पुनः बिहार में चालू हो। अन्यथा आगे किसान अपने गुस्से को संगठित प्रतिरोध के रूप में सरकार के सामने अपना आक्रोश व्यक्त करेगा।

