दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री *रघुवंश बाबू* ने अस्पताल के बेड से ही मुख्यमंत्री *नीतीश कुमार* को एक खुला पत्र लिखा था
दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री *रघुवंश बाबू* ने अस्पताल के बेड से ही मुख्यमंत्री *नीतीश कुमार* को एक खुला पत्र लिखा था

जे टी न्यूज़, दिल्ली : दिल्ली AIIMS में भर्ती रहने के दौरान दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री *रघुवंश बाबू* ने 10 सितंबर 2020 को RJD से इस्तीफा दिया था और उसी दिन अस्पताल के बेड से ही मुख्यमंत्री *नीतीश कुमार* को एक खुला पत्र लिखा था, जिसे उनके फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया गया था
पत्र में उन्होंने 3 मुख्य मांगें रखी थीं:
*1. मनरेगा कानून में संशोधन -*
“मनरेगा कानून में सरकारी और SC-ST की जमीन में काम होगा का प्रबंध है, उस खंड में आम किसानों की जमीन में भी काम होगा, जोड़ दिया जाए। इस आशय का अध्यादेश तुरंत लागू कर आने वाले आचार संहिता से बचा जाए।” उन्होंने कहा था कि किसानों की जमीन के रकबे के आधार पर मजदूरों की संख्या तय हो, आधी मजदूरी सरकार दे और आधी किसान दे।
*2. वैशाली में मुख्यमंत्री द्वारा झंडोत्तोलन -*
“वैशाली जनतंत्र की जननी है। विश्व का प्रथम गणतंत्र है, लेकिन इसके लिए सरकार ने कुछ नहीं किया है।” इसलिए झारखंड बंटवारे से पहले जैसे 15 अगस्त को पटना में और 26 जनवरी को रांची में झंडा फहरता था, वैसे ही अब 15 अगस्त को मुख्यमंत्री पटना में और 26 जनवरी को राज्यपाल पटना में, और मुख्यमंत्री *वैशाली गढ़ के मैदान में राष्ट्रध्वज फहराएं*। उन्होंने लिखा था कि “इस आशय की सारी औपचारिकताएं पूरी हैं। फाइल मंत्रिमंडल सचिवालय में लंबित है।”
*3. भगवान बुद्ध के भिक्षापात्र को काबुल से लाना -*
भगवान बुद्ध ने अंतिम वर्षावास में वैशाली छोड़ते समय अपना भिक्षापात्र स्मारक के रूप में वैशाली वालों को दिया था, जो अभी अफगानिस्तान के काबुल म्यूजियम में है। उसे वापस वैशाली लाया जाए।
यह पत्र उनके निधन से ठीक 2 दिन पहले 11 सितंबर 2020 को सार्वजनिक हुआ था।
