भारत-नेपाल सीमा पर बथनाहा आकाशवाणी केंद्र को पूर्ण स्टूडियो बनाने की मांग
भारत-नेपाल सीमा पर बथनाहा आकाशवाणी केंद्र को पूर्ण स्टूडियो बनाने की मांग

जे टी न्यूज, पूर्णिया:
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बथनाहा आकाशवाणी रिले केंद्र को पूर्ण स्टूडियो में अपग्रेड करने की मांग तेज हो गई है। सोशल एवं आरटीआई एक्टिविस्ट विजय कुमार श्रीवास्तव ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव, प्रसार भारती के चेयरमैन प्रसून जोशी, सीईओ गौरव द्विवेदी एवं आकाशवाणी के महानिदेशक को पत्र भेजकर बथनाहा केंद्र को पूर्ण स्टूडियो का दर्जा देने की मांग की है।
श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान में बथनाहा स्थित एसएसबी परिसर में केवल रिले केंद्र संचालित हो रहा है। यह इलाका संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा होने के कारण यहां स्थानीय स्तर पर विश्वसनीय सूचना तंत्र को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

*सीमा क्षेत्र में सूचना तंत्र होगा मजबूत*
पत्र में कहा गया है कि सीमा क्षेत्र में नेपाल के निजी एफएम चैनलों का प्रभाव है। ऐसे में बथनाहा में पूर्ण स्टूडियो की स्थापना होने से सरकारी योजनाओं, जनहितकारी सूचनाओं और देश से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का स्थानीय स्तर पर प्रभावी प्रसार किया जा सकेगा। यह भारत-नेपाल संबंधों में ‘सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी’ के प्रभावी माध्यम के रूप में भी काम कर सकता है।
*बाढ़ के समय बनेगा भरोसेमंद माध्यम*
श्रीवास्तव ने आपदा प्रबंधन को भी अपनी मांग का प्रमुख आधार बनाया है। उन्होंने कहा कि सीमांचल क्षेत्र में हर वर्ष बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे समय में संचार नेटवर्क बाधित होने पर आकाशवाणी आम लोगों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने का भरोसेमंद माध्यम बन सकती है। बथनाहा में लाइव स्टूडियो होने से बाढ़, मौसम, प्रशासनिक निर्देश और आपातकालीन सूचनाएं तत्काल प्रसारित की जा सकेंगी।
*स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा मंच*
पूर्ण स्टूडियो बनने से सीमावर्ती क्षेत्र के स्थानीय कलाकारों, युवाओं और प्रतिभाओं को अपनी कला एवं विचारों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने के साथ क्षेत्र से होने वाले पलायन को रोकने में भी मदद मिल सकती है।

*स्थानीय भाषाओं-संस्कृति के संरक्षण पर जोर*
पत्र में मैथिली, अंगिका, कोच-राजबंशी और नेपाली लोक संस्कृति से जुड़े स्थानीय कार्यक्रम तैयार करने की आवश्यकता भी बताई गई है। श्रीवास्तव के अनुसार, आकाशवाणी के माध्यम से इन भाषाओं और लोक परंपराओं को व्यापक मंच मिल सकता है।
पत्र की प्रतिलिपि अररिया सांसद, बिहार के मुख्य सचिव, पूर्णिया आयुक्त, अररिया डीएम तथा आकाशवाणी पूर्णिया और पटना के निदेशकों को भी भेजी गई है।

विजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि “मन की बात जैसे कार्यक्रम सीमा के अंतिम गांव तक पहुंचेंगे और बथनाहा का यह केंद्र भारत-नेपाल मैत्री का प्रतीक बनेगा।” उन्होंने केंद्र सरकार से मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

