श्री मिथिला शारदीय नाट्य कला परिषद ने किया ‘मिडिल क्लास’ नाटक का मंचन
36 वर्षों से किराड़ी में जन-जागरूकता की अलख जगा रही है परिषद, मध्यमवर्गीय परिवारों की समस्याओं को कलाकारों ने मंच पर किया जीवंत
श्री मिथिला शारदीय नाट्य कला परिषद ने किया ‘मिडिल क्लास’ नाटक का मंचन
36 वर्षों से किराड़ी में जन-जागरूकता की अलख जगा रही है परिषद, मध्यमवर्गीय परिवारों की समस्याओं को कलाकारों ने मंच पर किया जीवंत
जे टी न्यूज,
किराड़ी, दिल्ली: श्री मिथिला शारदीय नाट्य कला परिषद पिछले 36 वर्षों से अपने सामाजिक सरोकारों से जुड़े नाटकों के माध्यम से किराड़ी क्षेत्र में जन-जागरूकता की अलख जगा रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए परिषद की ओर से इस वर्ष ‘मिडिल क्लास’ नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से मध्यमवर्गीय परिवारों के दैनिक संघर्ष, उनकी समस्याओं और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक का निर्देशन अविनाश झा ने किया, जबकि अखिलेश सिंह ने सह-निर्देशक की भूमिका निभाई। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से मध्यमवर्गीय समाज की वास्तविक परिस्थितियों को मंच पर जीवंत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
सड़क, नाली, पानी और बिजली की समस्याओं को उठाया
‘मिडिल क्लास’ नाटक का मुख्य उद्देश्य आम मध्यमवर्गीय परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी और उनके सामने आने वाली चुनौतियों को सामने लाना था। नाटक में दिखाया गया कि किस तरह सड़क, नाली, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं। कलाकारों ने इन समस्याओं के कारण नागरिकों को होने वाली परेशानियों को संवेदनशील और प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया।
नाटक ने दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ अपने आसपास की सामाजिक समस्याओं पर विचार करने का अवसर भी दिया। इसके माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि जनसमस्याओं के प्रति जागरूकता और सामूहिक पहल से ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को किया प्रभावित
नाटक में शिवम पाठक, हीना झा, अमरेंद्र ठाकुर, सुजीत मिश्रा, दिव्यांशु, डॉली, खुशी सिंह, गंगेश्वर, अनिल झा, गोपाल, श्वेता, विपुल, अर्चिता, अजय, अनन्या, नीरज, लक्की, शिवम आशीष और त्रिलोक सहित अन्य कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। सभी कलाकारों के अभिनय और सामूहिक प्रयास ने नाटक को प्रभावशाली बनाया।
परिषद के संस्कृत प्रभारी मनोज झा और लेखक गोपाल झा ने कहा कि संस्था पिछले 36 वर्षों से नाट्य मंचन के माध्यम से सामाजिक जागरूकता का संदेश देती आ रही है। उन्होंने कहा कि परिषद भविष्य में भी जनहित से जुड़े विषयों पर नाटकों का मंचन कर समाज को जागरूक करने का प्रयास जारी रखेगी।
श्री मिथिला शारदीय नाट्य कला परिषद की यह पहल मनोरंजन के साथ सामाजिक चेतना को मजबूत करने और आम लोगों की समस्याओं को मंच के माध्यम से सामने लाने का सराहनीय प्रयास है। परिषद की निरंतर सांस्कृतिक गतिविधियां किराड़ी क्षेत्र में नाट्य परंपरा और सामाजिक जागरूकता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।


