*क्या हैं ओमिक्रोन (Omicron) के लक्षण? खुद जानिए डॉक्टरों से*

*क्या हैं ओमिक्रोन (Omicron) के लक्षण? खुद जानिए डॉक्टरों से*

 

जेटी न्यूज, ठाकुर वरुण कुमार।

नई दिल्ली/पटना::- कोरोना वायरस का ओमिक्रोन (Omicron) वेरियंट यानी कोरोना परिवार का एक बदमाश सदस्य इनदिनों काफी चर्चा में है। चर्चा ही क्या, इस वेरियंट ने आतंक मचा रखा है। इसे लेकर WHO ने गाइडलाइन भी जारी की है। सबसे खतरनाक बात यह है कि यह तेजी से अपना रूप बदल रहा है। मतलब इसमें तेजी से म्यूटेंट या खुद को बदलने की क्षमता है।

इसके लक्षण को लेकर काफी कयास लगाए जा रहे हैं। लेकिन अभी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि जहां यह वायरस फैला है, यानी दक्षिण अफ्रीका के डॉक्टरों ने इसके लक्षण के बारे में बताने की कोशिश की है।

डॉक्टरों के मुताबिक, ओमिक्रोन (Omicron) के कुछ लक्षण ऐसे हैं जो एकदम अलग हैं। हालांकि संक्रमितों में Omicron के लक्षण हल्के हैं और कुछ मरीज बिना हॉस्पिटल में एडमिट हुए ही ठीक हो गए।

साउथ अफ्रीकन मेडिकल एसोसिएशन (SAMA) की चीफ एंजेलिक कोएत्जी ने बताया कि बीते 10 दिन में उन्होंने कोरोना वायरस के नए वेरियंट Omicron से संक्रमित 30 मरीजों को देखा है. Omicron से संक्रमित मरीज को बहुत ज्यादा थकान, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द और सूखी खांसी जैसी समस्या होती है. शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इसके लक्षण कोरोना के डेल्टा वेरियंट से काफी अलग हैं।

एंजेलिक कोएत्जी ने कहा कि अभी तक जितने मरीज देखें हैं उन्हें वैक्सीन नहीं लगी थी। उनमें Omicron के हल्के लक्षण थे। मुझे लगता है कि यूरोप में बड़ी संख्या में लोग इस वैरिएंट संक्रमित हैं। अभी तक Omicron से संक्रमित जो मरीज मिले हैं उनमें से ज्यादातर की उम्र 40 साल से कम है।

डॉक्‍टरों की सलाह है कि सर्दी, खांसी, बुखार, सिरदर्द, हाथ-पैरों में दर्द, शरीर में ऐठन, भूख न लगना, सांस लेने में तकलीफ, खाने में स्‍वाद व सूघंने में गंध का पता न लगना जैसा कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्‍सक से परामर्श करें।

वहीं भारत में भी Omicron को लेकर अलग-अलग राज्य काफी सतर्क हैं और नए दिशानिर्देश जारी कर रहे हैं। इसी को लेकर बिहार सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य में 30 से अधिक संक्रमितों के सैंपल मिलने पर ही जीनोम सिक्वेंसिंग जांच करायी जाएगी। हालांकि जीनोम सिक्वेंसिंग को लेकर एक बार जांच में 96 सैंपल की जरूरत होती है। अंतरराष्ट्रीय महामारी कोविड-19 के नए वैरियंट ओमिक्रोन के मिलने के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने विदेश से आने वाले सभी व्यक्तियों की आरटीपीसीआर जांच कराने और संक्रमित पाए जाने पर जीनोम सिक्वेंसिंग कराने का निर्णय लिया है। इसी निर्णय के तहत जीनोम सिक्वेंसिंग कराने को लेकर कम संख्या में सैंपल की भी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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