बाल विवाह से मुक्ति व बच्चों के यौन शोषण के खिलाफ निकाली गई कैंडिल मार्च

बाल विवाह से मुक्ति व बच्चों के यौन शोषण के खिलाफ निकाली गई कैंडिल मार्च

जे टी न्यूज़
पटोरी (समस्तीपुर) : अनुमंडल क्षेत्र के सभी प्रखंडों में रविवार को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी के आह्वान पर प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर समस्तीपुर के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के जिला नोडल पदाधिकारी प्रभात कुमार नेतृत्व में कैंडिल मार्च निकाली गई। उक्त मार्च में दर्जनों युवक युवतियों ने भाग ली। इस दौरान नोडल पदाधिकारी श्री प्रभात ने पत्रकारों को बताया कि देश में आज भी हर साल कम से कम 15 लाख बेटियां बाल विवाह का शिकार हो जाती हैं। इनकी शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य व सुरक्षा को सुनिश्चित करने में बाल विवाह सबसे बड़ी बाधा है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार हर जिले में हर साल औसतन बाल विवाह का एक ही केस दर्ज किया जाता है। यह चिंताजनक बात है। नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित श्री कैलाश सत्‍यार्थी ने लोगों को जागरूक कर बाल विवाह के प्रति उनकी सोच व व्‍यवहार में बदलाव लाने और बच्‍चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का बीड़ा उठाया है। इसी के लिए उन्‍होंने तीन साल तक चलने वाले ‘बाल विवाह मुक्‍त भारत’ अभियान की शुरुआत की है।


अभियान के तीन मुख्‍य लक्ष्‍य हैं। कानून का सख्‍ती से पालन हो, यह सुनिश्चित करना।, बच्‍चों की सहभागिता बढ़ाना और उनका सशक्‍तीकरण करना एवं यौन शोषण से बच्‍चों को सुरक्षा देना है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्‍य सामाजिक व्‍यवहार व सोच में बदलाव लाकर बाल विवाह रूपी अपराध को खत्‍म करना है।

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