*चौकीदार बना देश का सबसे बड़ा घोटालेबाज*

*चौकीदार बना देश का सबसे बड़ा घोटालेबाज*


वाह रे देश के चौकीदार । देश का सबसे बड़ा घोटालेबाज साबित होने के बाद आपकी बेचैनी को देखते बनती है। देश की चौकीदारी करते-करते आपने देश के गरीबों के सारे पैसे लूट लिए । देश के अंदर या विदेश के काला धन से चुनावी बांड खरीद वाया और उसे आप अपने खाते में डलवा लिए । अब तो यह स्पष्ट हो चुका है कि आप सबसे बड़े देश के भ्रष्टाचारी हैं। अब उसे छुपाने के लिए कई तरह के चीजों को जनता के सामने रखने का आप काम कर रहे हैं। यानी की एक झूठ को छुपाने के लिए अनेकों झूठ बोलना पड़ता है ।आप तो टेलीविजन पर आकर चुनावी बांड के घोटालेबाजी पर सफाई देना भी शुरू कर दिया है । आपने तो कभी पत्रकारों के सामने कोई बयान कभी नहीं दिया । फिर आज बेचैनी इतनी बढ़ गई की सफाई पर सफाई दिए जा रहे हैं ।आपने न्यूज़ 18 चैनल पर यह कहा कि हम हैं कि चुनावी बांड निर्गत कराया। तभी तो आज यह खुलासा हो रहा है की कौन कितना पैसा लिया। नरेंद्र मोदी जी आपकी झूठ जनता के सामने बेनकाब हो चुकी है । चुनावी बांड को उजागर नहीं करने देने के लिए आपने संसद में नियम बनाए कि इसके बारे में कोई भी आदमी को कुछ भी नहीं बताया जाएगा। इतना तक की सूचना के अधिकार के माध्यम से भी कुछ भी नहीं बताया जाएगा ।आपने तो चुनावी बांड को निजी संपत्ति बना ही लिया था ।


लेकिन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचूरी ने आपकी भ्रष्टाचार की सारी कलई खोल दी। सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने अपील दायर कर दी । जिस पर 26 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय करते हुए बताया कि यह चुनावी बांड की प्रक्रिया मूल रूप से अवैध है। इसलिए इसके बारे में भारतीय स्टेट बैंक जो चुनावी बांड को निर्गत किया है। उसकी पूरी सूची बॉन्ड खरीदने वाले और किस दल के खाते में बॉन्ड डाले गए । इसकी जानकारी 6 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट को सौंप दे । मोदी जी आपने यहां भी अपने कारगुजारी में कोई कमी नहीं रखी ।आपके निर्देश पर स्टेट बैंक के अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के सामने यह विनती किया कि 30 जून से पहले इसकी पूरी जानकारी देने में हम असमर्थ हैं। इसका मतलब बहुत साफ था की लोकसभा चुनाव की समाप्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट को चुनावी बांड का हिसाब दिया जाए। ताकि चुनाव में भाजपा और नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पैसे की लूटमारी की जानकारी लोगों तक नहीं हो सके। अगर सुप्रीम कोर्ट फटकार नहीं लगाई होती और इस डिजिटल दौर में पूरे डाटा को सामने रखने में इतने समय की जरूरत पर आक्रोश व्यक्त करते हुए 6 मार्च तक किसी भी स्थिति में बॉन्ड की पूरी जानकारी कोर्ट ने मांगी। फिर सुप्रीम कोर्ट को स्टेट बैंक ने पूरी जानकारी दी। उसमें अभी भी बहुत सारी जानकारी को छुपाने का काम स्टेट बैंक कर रही है ।


बावजूद इसके जो भी तथ्य सामने आए हैं। उससे बहुत स्पष्ट हो चुका है कि देश की जनता के पैसों की लूटमारी और काले धन को बड़े पैमाने पर भाजपा के खाते में डाला गया है। दवा कंपनियां जो जीवन रक्षक दवाओं को बनाती है। उससे भी भारी रकम लिया गया है। तो क्या वह दो नंबर की दवाओं को बनाने की छूट के लिए तो पैसा नहीं ले लिया गया । ऐसे अनेक कंपनी है ,जिनकी पूरी पूंजी 30 करोड़ की है वह कंपनी 100 करोड़ का चंदा मोदी जी को कहां से दे रही है ।
मोदी जी एक और भारी घोटालाबाजी को आपने दबा कर रखा है । जिसकी जांच पर आपने रोक लगाने की हर तरीके का उपाय ढूंढा है । वह है *प्रधानमंत्री केयर फंड* इसमें देश के लुटेरों से आपने भारी चंदा लिया है और वह सिर्फ और सिर्फ आपको मिला है । उसकी कोई भी जानकारी आप जनता को नहीं देना चाहते हैं । तो मोदी जी उस पर भी अपील दायर कर दी गई है ।निकट भविष्य में उसका भी पोल खुलेगा ।लेकिन चुनाव जीत जाने के बाद आप पर उसका क्या असर पड़ेगा।
नोटबंदी लागू करके आपने देश के बड़े काले धन को सफेद करने में कॉर्पोरेट की बड़ी सहायता की। इसके बदले में आपको इतने पैसे मिले कि देश के सारे 650 जिले में भाजपा का रातों-रात जमीन खरीद कर पूर्ण तकनीकी संपन्न आलीशान वातानुकूलित कार्यालय बना दी। आपने देश के हर पंचायत में पारिश्रमिक देकर दो दो वेतनभोगी को सोसल मीडिया के प्लेटफार्म पर पार्टी प्रचार की जिम्मेदारी दे दी। आपने पन्ना प्रमुख के नाम से प्रत्येक बूथ पर पैसे देकर लोगों को बहाल कर दी।


ये सभी पैसे आपके पास दो तरीके से आए हैं। पहला यह कि जनता की गाढ़ी कमाई जो बैंकों में जमा था। उसे कर्ज के रुप में अडानी को बैकों से 15 लाख करोड़ रुपए दिला दी। फिर इतनी बड़ी रकम को आपने माफ कर दी। जिसका आधा पैसा अगर आपने अडानी से ले लिया। तो वह 7 लाख करोड़ रुपए से अधिक का होता है। यानी कि जनता की पैसे लूटने में आपने शेयरदारी की। बैंक के पैसे लूट कर देश से भागने वाले नीरव मोदी, ललित मोदी, मेहुल चोकसी, विजय माल्या जैसे देश द्रोहियों को देश से भगाने के लिए आपने मोटी रकम ली।दूसरा यह कि नोटबंदी द्वारा बड़े पैमाने पर काले धन को लेकर आप मालामाल हो गए और उन पैसों को राजसत्ता की गारंटी में आपने लगा दी।
मोदी जी, प्रधानमंत्री बनने के बाद फिर अगले 5 साल बाद होने वाले चुनाव के बारे में आप आज ही से सोचना शुरू कर देते हैं। रणनीतियां बनने लगती है। एन केन प्रकारेण सत्ता आपको चाहिए। मोदी जी आप अपने को फकीर कहते हैं। लेकिन सत्ता सुख आपकी सबसे बड़ी कमजोरी है। मोदी जी 2014 में चुनाव जीतने के बाद जब आप लोक सभा जा रहे थे। तो सर्व प्रथम लोक सभा की सीढ़ियों को आपने प्रणाम किया था। जब नई लोक सभा का उद्घाटन हुआ , तो उसे साष्टांग दंडवत किया था। आपने एक योगी बाबा को भी भोगी बना दिया। मोदी जी 10 साल का यह कार्यकाल बता रहा है कि देश की गद्दी आपकी बहुत बड़ी कमजोरी बन चुकी है। यह देश की हित में कत्तई नहीं हो सकता। आपका छटपटाहट बता रहा है कि भाजपा आपसे बहुत पीछे हैं। एक आदिवासी राष्ट्रपति आडवाणी जी के भारत रत्न समारोह में खड़ी है। लेकिन आप बैठे हैं। मोदी जी आपका अति महत्वाकांक्षा में तानाशाही की बू नजर आती है।अब देश हित में आपको बने रहना अच्छा नहीं है। यह जनता समझ चुकी है। अब आपको जाना ही होगा।

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