मतदान का वहिष्कार करेंगे अनुदान व वेतन से वंचित हजारों वित्त रहित कर्मी
मतदान का वहिष्कार करेंगे अनुदान व वेतन से वंचित हजारों वित्त रहित कर्मी

मधेपुरा।
पिछले 40 साल से बिना वेतन का वित्त रहित कॉलेजों में सेवा देने वाले मधेपुरा लोक सभा क्षेत्र के हजारों वित्त रहित शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों समेत उनके लाखों परिजन 7 मई को होने वाले मतदान का बहिष्कार करेंगे। वित्त रहित कर्मियों संघ के नेता प्रो० मनोज भटनागर ने कहा कि पिछले 40 साल के अंतर्गत किसी राजनीतिक दल ने उनके समस्याओं का निदान नहीं किया जिसके कारण इनकी दो पीढ़ियां बर्वाद हो गयी। एमए, पीएच.डी धारी उक्त शिक्षकों व कर्मचारियों की बदहाली का हालत यह है कि पंजाब व दिल्ली समेत अन्य राज्यों में देहाड़ी मजदूरी करने वाले उनके बच्चे जब पैसा कमाकर भेजते हैं तो उनके घर का चुल्हा जलता है। यह बिहार सरकार के लिए शर्म की बात नहीं तो और क्या है? शिक्षकों ने कहा कि अनुदान के नाम पर जहां वित्त रहित कर्मियों को ठगा गया वहीं कॉलेज प्रबंधन द्वारा उनके शोषण की कहानी जग जाहीर है। इस हालत में किसी भी दल के प्रत्याशी को वोट देना अपने जीवन के साथ पुनः धोखा है। क्योंकि नेताओं को इतना फुर्सत नहीं है कि वह वित्त रहित कर्मियों के दुर्दशा की चर्चा भी मंच से करें। जब स्थानीय एमएलए प्रो. चन्द्रशेखर शिक्षा मंत्री बने थे तो लोक सभा क्षेत्र के वित्त रहित कर्मियों में उम्मीद जगी थी कि अब बित्त रहित शिक्षकों के दिन बहुरेंगे किंतु 16 माह शिक्षा मंत्री रहने के बाद भी प्रो. शेखर एक बार भी वित्त रहित शिक्षा को समाप्त करने की बात नहीं की और अपर सचिव केके पाठक के डर का हवाला देते हुए कुछ भी करने से बचते रहे। इसलिए वित्त रहित कर्मियों ने फैसला किया है कि हम मताधिकार का प्रयोग इन खुदर्गज नेताओं के लिए नहीं करेंगे।

शिक्षकों ने इसके पूर्व भी अनुदान तथा वेतन भुगतान से संबंधित आवेदन सीएम नीतीश कुमार को दिया किन्तु वे शिक्षकों की समस्याओं के निदान के प्रति असंवेदनशील व अनभिज्ञ बने रहे। कर्मियों ने सरकार से मांग की है कि अगर अनुदान तथा वेतन का भुगतान करने का सार्मथ्य सरकार में नहीं है तो वे अनुदानित कॉलेजों का संबंधन समाप्त कर दें ताकि आने वाली पीढ़ी इस गुलामी से बच सके।
प्रतिलिपि राज्यपाल सह कुलाधिपति, बिहार, पटना।
मुख्यमंत्री, बिहार सरकार, पटना।
शिक्षा मंत्री, बिहार, पटना।
जिला पदाधिकारी सह निर्वाची पदाधिकारी, मधेपुरा को भी दी गई है।
