एकल वादन और संगति दोनो में माहिर थे उमेश बाबू – गणेश पाल
तबला वादक के निधन पर वर्चुअल संवेदना सभा आयोजित
एकल वादन और संगति दोनो में माहिर थे उमेश बाबू – गणेश पाल

जे टी न्यूज,तबला वादक के निधन पर वर्चुअल संवेदना सभा आयोजित समस्तीपुर: सुविख्यात तबला वादक पंडित उमेश प्रसाद गुप्ता के निधन पर गुरुवार को जगमोहन विद्यापति काॅलेज ऑफ आर्ट एण्ड टेक्नोलॉजी के नेतृत्व में वर्चुअल संवेदना सभा का आयोजन किया गया। जिसमें विषय प्रवेश कराते हुए संयोजक डाॅ संजय कुमार राजा ने पंडित गुप्ता के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला और उन्हें एक सहज, सरल, सौम्य, मिलनसार और तबले केलिए प्रतिबद्ध एवं समर्पित कलाकार करार दिया। उन्होंने कहा कि समस्तीपुर जिले के पूसा में प्रतिवर्ष आयोजित भातखंडे जयन्ती समारोह की शान थे उमेश बाबू। वहीं स्मृति शेष पंडित गुप्ता के साथ दर्जनों मंच साझा करने वाले खगड़िया के सुप्रसिद्ध गायक पंडित गणेश पाल ने उनके निधन को संगीत जगत के लिये अपूरणीय क्षति कहा और बताया कि खगड़िया जिले के परबत्ता झझरा निवासी स्व कैलाश प्रसाद गुप्ता के होनहार पुत्र उमेश बाबू बनारस घराने के पंडित रमेश महाराज की शिष्य परंपरा के मूर्धन्य तबला वादक थे। एकल वादन और संगति दोनो विधा में उन्हें पांडित्य प्राप्त था। अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए हसनपुर सकरपूरा से प्रख्यात ताल मर्मज्ञ पंडित राम नरेश राय ने उन्हें सर्व प्रिय तबला वादक बताया और कहा कि उनकी संगति हमेशा नये कलाकारों में नयी ऊर्जा भर देती थी। वर्षों तक कार्यक्रम में उनकी कमी महसूस होगी। इस वर्चुअल सभा में दिल्ली से रंजन कुमार, अभय कुमार राय, पटना से प्राचीन कला केन्द्र के क्षेत्रीय समन्वयक अभिषेक कुमार, रोसड़ा से रामबालक निराला, पूसा से साक्षी ऋतु, सुमित सुमन, संतोष कुमार, दरभंगा से डाॅ वेद प्रकाश, समस्तीपुर से रौशन कुमार, लक्ष्मण कुमार, सहित दर्जनों संगीत सेवी शामिल हुए और अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।


