प्रयागराज अंतर्राष्ट्रीय सनातन समागम सह साहित्य महाकुंभ महोत्सव सम्पन्न
झारखंड
भारत विभिन्न धार्मिक सांस्कृतिक, सुसभ्यता, परंपरा को समेटे हुए अंतर्राष्ट्रीय सनातन समागम साहित्य महोत्सव आभासी पटल के माध्यम में भव्य कवि सम्मेलन पी.आई.यू. ट्रस्ट गिरिडीह झारखंड के तत्वावधान में 23 फरवरी 2025 को संपन्न हुआ। प्रारंभ में दीप प्रज्वलित कर एवं अनामिका तिवारी द्वारा मांँ शारदे की वंदना से हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अभ्यागत डॉ. राम रतन श्रीवास ‘राधे राधे’ (भारतोदय लेखक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. सुरेश सिंह शौर्य ‘प्रियदर्शी’ की गरिमामय उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रुपाली गर्ग के बेहतरीन अंदाज से मंत्र मुग्ध कर शमां बांधे रखा।
कार्यक्रम के मुख्य अभ्यागत डॉ. ‘राधे राधे’ ने उद्बोधन में कहा कि इस महोत्सव में सनातन समागम की ऐतिहासिक झलक साहित्यकारों की सृजन से परिलक्षित होती है। त्रिवेणी संगम में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है जो वेदों एवं धर्म ग्रंथों में वर्णित है। यह दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है जिसमें साधु, संत, भक्त जन समुदाय आस्था से परिपूर्ण भक्ति भावना से ओत-प्रोत महोत्सव है। महाकुंभ स्नान शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से शुद्धि का प्रतीक है एवं से मन की नकारात्मक ऊर्जाएं दूर होती हैं और सकारात्मकता आती है। यह भक्ति ज्ञान विज्ञान का त्रिवेणी महाकुंभ संगम है जो एक निश्चित खगोलीय घटना में केवल प्रयागराज में ही 12 पूर्ण कुंभ होने के बाद 144 वर्ष में एक बार संपन्न होता है। इस महोत्सव के आयोजन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित किया। डॉ. ‘प्रियदर्शी’ ने कहा की वर्तमान की स्थिति में अनैतिकता बढ़ती जा रही है जिसे सुधारने का लक्ष्य है। हम सभी देशवासी भारतीय धार्मिक, सांस्कृतिक, सुसभ्यता और परंपरा के माध्यम से राम ,कृष्ण, बुद्ध की धरती से शिक्षा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा कर भारत को नया आयाम स्थापित कर सकेंगे।
हमारे संवाददाता को कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. सुरेश सिंह शौर्य प्रियदर्शी ने बताया की देश भर के विभिन्न हिस्सों से काव्य पाठ प्रबुद्ध साहित्यकारों एवं विशिष्ट जनों की उपस्थिति में हुआ। जिसमें कविता पाठ, गीत, संगीत, गजल , भाषण, शिक्षा, साहित्य, खेल, पत्रकारिता, समाज सेवा, धर्म, कला एवं संस्कृति, शोध करने पर जोर दिया । पी.आई.यू. ट्रस्ट, गिरिडीह के तत्वधान में कई साहित्य महोत्सव का आयोजन पूर्व में किया जा चुका है। जिसमें से नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव 2021 संसद क्लब नॉर्थ एवेन्यू नई दिल्ली , श्रीराम अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव अयोध्या, जमशेदपुर साहित्य महोत्सव टाटानगर, रांची साहित्य महोत्सव रांची, पार्श्वनाथ साहित्य महोत्सव गिरिडीह , महात्मा बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव बोधगया बिहार जैसे विभिन्न कार्यक्रमों को बखूबी संचालित कर चुके हैं। इस महोत्सव के साथ भारतोदय लेखक संघ का भी अधिवेशन 2025 पी.आई. यू. ट्रस्ट के तत्वावधान में संपन्न हुआ । ऐसे कार्यक्रम से भारतीय सभ्यता, सुसंस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने से एक नई ऊर्जा उत्पन्न होती है इसके लिए इस कार्यक्रम के आयोजन की भूरी भूरी प्रशंसा करता हूंँ।

कार्यक्रम में शामिल हुए रामबहाल सिंह ‘बहाल’ , डाॅ० शशि जायसवाल, डाॅ० रंजीत कुमार “दिनकर” (साहित्यकार एवं पत्रकार), अंकित पांडेय, आत्म प्रकाश कुमार , डॉ रुपाली गर्ग, डॉ.नामदेव ज्ञानदेव शितोळे, कमल किशोर “कमल”, डॉ. देवेन्द्र शुक्ल, शालिनी सिंह , अनिल भारद्वाज , डॉ. विश्वम्भर दयाल अवस्थी , ज्योति जुल्का, डॉ पंकज कुमार बर्मन, सोमेश्वर पांडेय ,डॉ. अमलपुरे सूर्यकांत विश्वनाथ, डॉ. पुष्प लता कंसल , प्रो. डॉ. कमला माहेश्वरी ‘कमल’ , डॉ. सुभाष चन्द सिंह कुशवाहा , डॉ. रणजीत कुमार दिनकर, डाॅ. मंजु बडोला “नूपुर इत्यादि रहे कार्यक्रम के अंत में डॉ. रुपाली के द्वारा साहित्यकारों का आभार प्रकट किया । कार्यक्रम खुशनुमा माहौल में संपन्न हुआ।


