“जातिवाद के विरुद्ध था डॉ. अंबेडकर का आंदोलन उन्होंने समाज में भरी चेतना” – डॉ. अशोक कुमार आलोक
“जातिवाद के विरुद्ध था डॉ. अंबेडकर का आंदोलन उन्होंने समाज में भरी चेतना” – डॉ. अशोक कुमार आलोक
जे टी न्यूज़, रानीगंज : वाई एन पी डिग्री कॉलेज, रानीगंज में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का विषय था “डॉ. अंबेडकर की सामाजिक एवं राजनीतिक दृष्टि।”
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार आलोक ने कहा, “डॉ. अंबेडकर का आंदोलन केवल छुआछूत के उन्मूलन तक सीमित नहीं था, बल्कि यह जातिवाद, सामाजिक असमानता और वर्णव्यवस्था के विरुद्ध एक सशक्त वैचारिक क्रांति था। उन्होंने संविधान के माध्यम से भारत को समानता और न्याय की राह दिखाई।”
उप प्रधानाचार्य डॉ. नूतन आलोक ने कहा, “डॉ. अंबेडकर ने अपने संघर्ष और चिंतन से दलित वर्ग में ऐसी चेतना जागृत की, जिसने उन्हें आत्मसम्मान और अधिकारों के लिए जागरूक किया। उनका सामाजिक दृष्टिकोण आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।”
कार्यक्रम में प्रो. इंदु कुमारी और प्रो. भूषण कुमार यादव ने कहा कि बाबा साहब ने शोषण और भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा दी, जिससे पीड़ित वर्गों को नई दिशा मिली।
प्रो. प्रमोद कुमार यादव और प्रो. सुरेश यादव ने इस बात पर बल दिया कि सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन तभी संभव है जब समाज का वंचित वर्ग शिक्षा और चेतना के माध्यम से आगे आए।
प्रो. बुद्धिनाथ सिंह और प्रो. योगेंद्र यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने गोलमेज सम्मेलन में दलित समाज की स्थिति सुधारने के लिए ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत कर सामाजिक न्याय की नई परिभाषा गढ़ी।
गोष्ठी में विद्यार्थियों की भागीदारी सराहनीय रही। प्रमुख प्रतिभागियों में खुशी कुमारी, विजय कुरैल, सूरज यादव और नितीश कुमार यादव शामिल थे।
