पुलिस प्रताड़ना मामले में हाईकोर्ट सख्त मधुबनी एसपी को जांच का आदेश याचिका पर हुई सुनवाई, चार हफ्ते में रिपोर्ट मांगी
पुलिस प्रताड़ना मामले में हाईकोर्ट सख्त मधुबनी एसपी को जांच का आदेश याचिका पर हुई सुनवाई, चार हफ्ते में रिपोर्ट मांगी
जे टी न्यूज, मधुबनी : मधुबनी जिला के हरलाखी थाना के निलंबित एएसआई प्रमोद कुमार और चौकीदार अजय कुमार द्वारा रिश्वत लेते हुए बनाए गए वायरल वीडियो मामले में पटना हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। इस मामले को उजागर करने वाले हरलाखी थाना क्षेत्र के फुलहर गांव निवासी एवं एक दैनिक अखबार के पत्रकार हरि शम्भू की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मधुबनी के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार को निष्पक्ष और बिंदुवार जांच करने का आदेश दिया है। यह सुनवाई 4 अगस्त को जस्टिस संदीप कुमार की एकल पीठ में हुई। कोर्ट ने पुलिस प्रताड़ना के आरोपों को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि एसपी व्यक्तिगत रूप से जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करें। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि जांच में संबंधित पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। याचिका में पत्रकार हरि शम्भू ने आरोप लगाया है कि रिश्वत का वीडियो सार्वजनिक करने के बाद से उन्हें मानसिक और पेशेवर रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
उन्होंने अपनी याचिका में कई पुलिस अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया है और प्रताड़ना के ठोस उदाहरण भी पेश किए हैं। पत्रकार का कहना है कि इस प्रकरण को उजागर करना उनकी सामाजिक और पेशेवर जिम्मेदारी थी, लेकिन इसके बाद से उन्हें दबाव में लेने और बदनाम करने की कोशिशें की जा रही हैं। गौरतलब है कि वायरल वीडियो में हरलाखी थाना के तत्कालीन एएसआई प्रमोद कुमार और चौकीदार अजय कुमार को कथित रूप से रिश्वत लेते देखा गया था। इस वीडियो के सामने आने के बाद विभागीय कार्रवाई करते हुए दोनों को निलंबित कर दिया गया था। मामले ने उस समय जिले भर में सनसनी फैला दी थी।
कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख चार सप्ताह बाद तय की है और तब तक एसपी से विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।




