पारंपरिक विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों की बैठक सम्पन्न
पारंपरिक विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों की बैठक सम्पन्न

जे टी न्यूज, पटना:
उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में गुरुवार को मदन मोहन झा सभागार में राज्य के सभी पारंपरिक विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता शिक्षा सचिव अजय यादव ने की, जबकि संचालन पूर्व शिक्षा सचिव एवं सलाहकार बैधनाथ यादव तथा निदेशक प्रो. नवीन कुमार अग्रवाल ने संयुक्त रूप से कियाl

*मुंगेर विश्वविद्यालय की सक्रिय भागीदारी*
बैठक में मुंगेर विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. घनश्याम राय, उपकुलसचिव द्वितीय डॉ. अंशु कुमार राय एवं अधीनस्थ कर्मचारी मौजूद रहे। विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों ने एजेंडा बिंदुओं पर अपनी बात रखी और विभागीय निर्देशों पर आगे की कार्ययोजना प्रस्तुत की।
*13 बिंदुओं पर चर्चा, 25 सितंबर तक रिपोर्ट अनिवार्य*
बैठक में कुल तेरह बिंदुओं पर बिंदुवार चर्चा की गई।
शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए रोस्टर क्लियरेंस की प्रक्रिया पूरी कर 25 सितंबर तक सरकार को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया।

उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) प्रस्तुत करने में ढिलाई बरतने वाले विश्वविद्यालयों को शीघ्र कार्रवाई का आदेश दिया गया।
*एआईएसएचई डाटा में मुंगेर विश्वविद्यालय अव्वल*
निदेशक प्रो. नवीन कुमार अग्रवाल ने बताया कि ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (AISHE) फॉर्म भरने में मुंगेर विश्वविद्यालय ने राज्य के पारंपरिक विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

उन्होंने कहा—
“एआईएसएचई डाटा भरने में मुंगेर विश्वविद्यालय को पुरस्कार मिलना चाहिए।”
हालाँकि, उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने में विश्वविद्यालय पीछे रहा है, जिस पर सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया गया।
बैठक ने स्पष्ट किया कि बिहार के पारंपरिक विश्वविद्यालयों को प्रशासनिक पारदर्शिता, समयबद्ध कार्य और शैक्षिक गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा। मुंगेर विश्वविद्यालय जहाँ एआईएसएचई डाटा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है, वहीं अब उसे उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की दिशा में सुधार करना होगा।



