सैटेलाइट शहर के नाम पर जमीन खरीद बिक्री पर रोक सरकार का तुगलकी फरमान :-सीपीएम
सैटेलाइट शहर के नाम पर जमीन खरीद बिक्री पर रोक सरकार का तुगलकी फरमान :-सीपीएम
जे टी न्युज, सहरसा :

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी सीपीएम राज्य सचिव मंडल सदस्य सह सहरसा सीपीएम जिला सचिव कामरेड रणधीर यादव ने कहा बिहार सरकार द्वारा बिहार के ग्यारह शहरों में सहरसा शहर एवं आस पास के ग्रामीण इलाके को मिला सैटेलाइट टाउनशिप बनाने को लेकर एक वर्ष तक जमीन खरीद बिक्री पर रोक बिहार सरकार का तुगलकी फरमान है। व्यक्ति के पास कोई विकल्प नहीं हो और समस्या बड़ी हो तब अपनी जमीन बेचता है। आदमी अपनी और अपने परिवारिक लोगों की जिंदगी बचाने, बेटी की शादी ब्याह रचाने, बेटे बेटी को बेहतर व उच्च शिक्षा हासिल कराने तथा अत्यंत आवश्यक कार्यों की पूर्ति हेतु ही जमीन बेचता है। उस जमीन पर सैटेलाइट टाउनशिप बनाने हेतु खरीद बिक्री पर रोक जरूरमंद लोगों के लिए मौत के फरमान से कम नहीं है वो भी एक बर्षो के लिए। सीपीएम जिला सचिव ने कहा सैटेलाइट टाउनशिप के नाम पर सहरसा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों एकड़ जमीन को बाधित करना और सैटेलाइट शहर के नाम पर कारपोरेट घरानों, बड़े-बड़े व्यापारियों, उधोगिक घरानों और पूंजीपतियों को बसाने और लूटने के लिए सरकार की यह पहल है। शहर का मास्टर प्लान और विकास आज तक क्या हुआ सहरसा के लोग देख रहे है। बरसों बरस से सहरसा शहर जामों का शहर बना हुआ है। जाम के कारण सहरसा शहर जहां बंगाली ढ़ाला, थाना चौक ढ़ाला, कचहरी ढ़ाला, शिवपुरी ढ़ाला और सरूआ ढ़ाला शहर को पुर्वी पश्चिमी हिस्से में बांटता है वही पालीटेक्निक ढ़ाला , पुरव बाजार ढ़ाला शहर को पुर्वी में पूर्वी शहर के रूप में बांटता है। आम आदमी आजतक ढ़ाला ढ़ाला के जाम से ऊवर नहीं पाया। वहीं पानी निकासी के मास्टर प्लान पर पानी ही फिरता रहा। थोड़ी सी बरसात में सहरसा शहर की स्थिति जलजमाव से त्रस्त आम जीवन त्राहिमाम हो जाता है। सहरसा शहर के हजारों फुटपाथ दुकानदारों को बुलडोजर चला कर उजारा जा रहा है सरकार के पास उसके लिए कोई मास्टर प्लान नहीं है। परन्तु सैटेलाइट टाउनशिप बनाने के नाम पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बड़े भूभागों को बड़े बड़े उद्योगपतियों, बड़े-बड़े व्यापारियों और कारपोरेट घरानों को जमीन उपलब्ध कराने की ये बड़ी साज़िश सरकार रच रही है। हमारी पार्टी सीपीएम की सरकार से मांग है कि

1. सैटेलाइट टाउनशिप के नाम पर जमीन खरीद बिक्री पर रोक को हटायी जाय।
2. फुटपाथ दुकानदारों को मास्टर प्लान बनाकर रोजी-रोटी कमाने हेतु जगह दिया जाय।
3 . सहरसा को जामों से मुक्ति दिलायी जाय।
4. जलजमाव और गंदगी की समस्यायों से निदान दिलाई जाय।
5. स्कूल कालेज अस्पताल को और बेहतर ढंग से व्यवस्थित कर आम जीवन को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य मुहैया कराई जाय।
6. सैटेलाइट टाउनशिप के नाम पर बड़े बड़े उद्योगपतियों, व्यापारियों और कारपोरेट घरानों को जमीन उपलब्ध कराने की साज़िश पर रोक लगाई जाए।
7. सैटेलाइट टाउनशिप के जगह सहरसा में एम्स निर्माण करायी जाय।
8. सहरसा नगर निगम सहित ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति किया जाय।
9. बिजली तार की लूंज पूंज स्थिति एवं बिजली बिल को दुरुस्त करते 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाय।
