अधिवक्ता रामविलास दास के प्रथम पुण्यतिथि पर विचार गोष्ठी का आयोजन
अधिवक्ता रामविलास दास के प्रथम पुण्यतिथि पर विचार गोष्ठी का आयोजन

जे टी न्यूज़, खगड़िया/ परबत्ता : नगर पंचायत परबत्ता के वार्ड संख्या 14 में अधिवक्ता रामविलास दास के प्रथम पुण्यतिथि पर रविवार को एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।इस गोष्ठी में संविधान पर बढ़ता हमला और बहुजनों पर मनुवाद का कसता शिकंजा विषय पर इस कार्यक्रम का आयोजन बहुजन इंटिलेक्चुअल फोरम, पेरियार ललई सिंह यादव ग्रुप, फुले-अंबेडकर विचार मंच, सामाजिक न्याय आंदोलन बिहार के द्वारा किया गया।आयोजक मंडल के सदस्य डॉ. अभय, डॉ. प्रदीप,अखिलेश्वर दास,अरूण दास, राजो यादव के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गरीब दास ने तथा मंच संचालन डॉ अभय कुमार ने किया।मौके पर दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर सह लेखक डॉ लक्ष्मण यादव ने मुख्य वक्ता के रुप में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म की आड़ में भेदभाव को थोपने वाली व्यवस्था को चुनौती देने वाले इस कार्यक्रम के आयोजन की प्रशंसा करता हूँ।मनुवादी आपको आपस में लड़ाना चाहते हैं।बिहार की सरकार शिक्षा की बात करने की बजाय गोली मारने की बात करती है।रोज टूट रहे पुल का निर्माण करने की बजाय राज्य की सरकार गमछा का रंग ढूँढने में लगी है।हमें संविधान को बचाना जरूरी है और उसको बचाने के लिये हमें एकजुट रहना होगा।पाखंड पहले परंपरा बनती है और बाद में वह इतिहास बन जाता है।इसलिये हमें पाखंड और अंधविश्वास से बचना है।जहाँ शिक्षा नहीं पहुँचती है,वहाँ अंधविश्वास जल्दी पहुँच जाता है।हमें जाति नहीं विचार देखकर नायक चुनना सीखना होगा।संविधान हमें जोड़ता है,सम्मान देता है और एकजुट रखता है।अपने वक्त की लड़ाई हमें ही लड़नी होगी।समाज में गति और बदलाव जरूरी है।हमारी लड़ाई संविधान बचाने की लड़ाई है।ऐसे वैचारिक कार्यक्रम हमारे संघर्ष को आगे ले जायेगा।वहीं सामाजिक न्याय आंदोलन बिहार के संयोजक रिंकू यादव ने कहा कि संविधान ने वंचित वर्ग के लिये आगे बढने का रास्ता खोला।लेकिन 2014 के बाद समय का पहिया पीछे घूमने लगा।मोदी सरकार ने सवर्ण वादियों के वर्चस्व तथा कॉरपोरेट लूट को संस्थागत रुप से आगे बढाया।लोगों को बास की जमीन नहीं मिल रही है और अडानी को एक रुपये में साढे तीन हजार एकड़ जमीन दी जा रही है।

डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा ने कहा कि रामविलास दास की पुण्यतिथि पर इस प्रकार की परिचर्चा एक नई शुरुआत है।मनुवाद समर्थक संविधान से सामाजिक न्याय तथा धर्मनिरपेक्षता का सिद्धांत मिटा देना चाहते हैं।संविधान की शपथ लेकर बिहार के मुख्यमंत्री गमछा का रंग देखकर गोली मारना चाहता है।आशाराम,राम रहीम, कुलदीप सेंगर कौन से रंग का कपड़ा पहनता है।उन रंगों को पहनने वाले को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।समय के साथ भेदभाव का तरीका बदला है।
मखदुमपुर के पूर्व विधायक सतीश दास ने अपने संबोधन में कहा देश में आवारा पूँजीवाद और आवारा मनुवाद का गठजोड़ हुआ है।
संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है।चुनाव आयोग को संविधान विरोधी काम करने की अवैध सुरक्षा दी गई।धर्म की चाशनी में लपेटकर मनुवादियों के द्वारा हमारे अधिकारों को खत्म किया जा रहा है।वहीं सी पी आई के अंचल मंत्री कैलाश पासवान ने कहा कि दलितों के प्रति भेदभाव किया जाता था।हमारे पूर्वजों के साथ अपमानजनक व्यवहार अब इतिहास की बात हो गई है।लेकिन बहुजन अधिकारों पर संस्थागत रुप से आज भी हमला किया जा रहा है।कुरीतियों से आजादी के लिये सभी बहुजनों को एक होना होगा।खगड़िया के पूर्व विधायक छत्रपति यादव ने कहा कि संविधान के साथ छेड़ छाड़ कर के धीरे धीरे बहुजनों को उनके अधिकारों से परे किया जा रहा है।हमें एकजुट होकर रहना होगा।मौके पर सेवानिवृत्त शिक्षिका कुमारी कला ने सभी आगत अतिथियों को अंगवस्त्रम से सम्मानित किया।इस आयोजन में बहुजन कलाकारों मुकुंद कुमार,अभय कुमार उदय,अंजय कुमार, ललन कुमार,प्रदीप कुमार,बालमुकुंद आदि ने बहुजन गीत गाकर श्रोताओं को प्रेरित किया।
