मनरेगा खत्म करने की साजिश नहीं चलने देंगे
मनरेगा खत्म करने की साजिश नहीं चलने देंगे
खेतिहर मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी 6 सौ रुपए देना होगा

जे टी न्यूज, बेतिया: बिहार प्रांतीय खेतिहर मजदूर यूनियन की पश्चिम चंपारण जिले का पांचवा सम्मेलन विजयनाथ तिवारी नगर रिक्शा मजदूर सभा भवन बेतिया में हुआ। प्रांतीय महासचिव भोला प्रसाद दिवाकर के झंडोत्तोलन से प्रारंभ हुआ ।माल्यार्पण प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र चौरसिया में किया। सम्मेलन ने प्रकाश कुमार वर्मा, म. हनीफ की दो सदस्यीय अध्यक्ष मंडली का चुनाव किया।शोक प्रस्ताव के बाद उदघाटन भाषण प्रांतीय महासचिव भोला प्रसाद दिवाकर द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि देश की नरेंद्र मोदी की सरकार खेतिहर मजदूरों के लिए देश में कोई भी योजना नहीं बनाया। पहले से काफी संघर्ष के बाद मनमोहन सरकार से ली गई मनरेगा कानून, जिसमें 100 दिन काम की गारंटी है ।उसे भी समाप्त कर देने पर तूली हुई है।मोदी सरकार से हमने मांग किया की 200 दिन काम की गारंटी तथा 600 रुपए मजदूरी निर्धारित किया जाए ।उल्टे वह मनरेगा कानून को ही समाप्त कर देने पर तूली हुई है ।यही कारण है कि मनरेगा का नाम वी बी ग्रामजी कानून रख दिया और मजदूरों को केंद्र सरकार के बजट से मिलने वाले 90% धनराशि का हिस्सा राज्य सरकारों के माथे पर थोप दिया है। यह परिलक्षित करता है केंद्रीय की मोदी सरकार खेत मजदूर के अधिकारों और उनकी रक्षा के प्रति संवेदनशील नहीं है। आज देश में खेती घाटे की हो गई है। खेत में काम करने वाले किसान तथा मजदूर लगातार खेती में हो रहे घाटे से परेशान है ।प्रतिदिन 48 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। लेकिन मोदी सरकार मौन बैठी है।

बिहार प्रांतीय खेतिहर मजदूर यूनियन के अध्यक्ष देवेंद्र चौरसिया ने अपने समापन भाषण में बताया कि नरेंद्र मोदी की सरकार कॉरपोरेट और बड़े घरानों की हितैषी सरकार है। वह तमाम सार्वजनिक उपक्रमों को कॉर्पोरेट को दे देने के बाद देश के छोटे-छोटे किसान जिनके पास 68% जमीन है। उसे भी कॉरपोरेट के हाथों में सौंप देना चाहती है ।उसी रास्ते में लगातार छोटे किसानों को भी भूमिहीन बनाने और खेत मजदूर की कतार में खड़े करने की योजना पर काम कर रही है।
बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार रोजगार की दिशा पर कोई काम नहीं कर रही है। बल्कि खेत मजदूर तथा भूमिहीन गरीबों के झोपड़ियों को बुलडोजर से तोड़ा जा रहा है। दूसरी तरफ धर्म के आधार पर चीजों को देखा जा रहा है और तनाव पैदा करने की लगातार मुहिम जारी है ।हमें इसका मुकाबला करना होगा।
सम्मेलन में जिला मंत्री प्रभुनाथ गुप्ता में अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया ।उसमें 3 साल के कार्यों पर विस्तार से प्रतिनिधि साथियों ने चर्चा किया।
सम्मेलन का अभिनंदन बिहार राज्य किसान सभा के जिला अध्यक्ष रामा यादव,किसान नेता चांदसी प्रसाद यादव ,भारत की जनवादी नौजवान सभा के जिला उपाध्यक्ष सुशील श्रीवास्तव,सीटू के राज्य सचिव शंकर कुमार राव, जलेस के जिला सचिव अनिल अनल आदि ने किया।

सम्मेलन में 17 सदस्यीय नई जिला कमेटी का चुनाव किया। जिसके अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ, उपाध्यक्ष शंकर दयाल गुप्ता,उमेश यादवतथा सचिव प्रभुनाथ गुप्ता,संयुक्त सचिव मनोज कुशवाहा,मुस्तकीम साईं,संयुक्त सचिव निर्वाचित हुए। सम्मेलन में राज्य सम्मेलन भभुआ में जाने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधियों का भी चुनाव किया।

