चाक चौबंद विधि व्यवस्था के दावों की निकली हवा बैठकों और फ्लैग मार्च महज औपचारिकता “शांतिपूर्ण मोहर्रम का दावा फेल,

उपद्रवियों ने जम कर मचाया उत्पात, हत्या-मारपीट और पुलिसकर्मियों की पिटाई देखती रही पुलिस

चाक चौबंद विधि व्यवस्था के दावों की निकली हवा

बैठकों और फ्लैग मार्च महज औपचारिकता “शांतिपूर्ण मोहर्रम का दावा फेल,

उपद्रवियों ने जम कर मचाया उत्पात, हत्या-मारपीट और पुलिसकर्मियों की पिटाई देखती रही पुलिस


जे टी न्यूज, समस्तीपुर: समस्तीपुर जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान द्वारा मोहर्रम पर्व को लेकर लगातार शांति व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे। अधिकारियों की बैठकें, फ्लैग मार्च और चाक–चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के दावे उपद्रवी तत्वों के सामने धरे के धरे रह गए। कल्याणपुर, मथुरापुर, वैनी, मुसरीघरारी थाना क्षेत्र की घटनाओं ने प्रशासन के तमाम दावों की पोल खोल कर रख दी। दिन भर जश्न में डूबे मोहर्रम की शाम होते ही जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से हत्या, मारपीट और हिंसा की खबरें आने लगीं। हालात ऐसे बन गए कि, समस्तीपुर सदर अस्पताल में घायलों की कतार लग गई। इस बाबत मिली जानकारी के अनुसार, कल्याणपुर थाना क्षेत्र में मुहर्रम के अवसर पर करतब दिखाने के बहाने एक पुराने विवाद में किसी ने एक व्यक्ति की चाकू गोदकर हत्या कर दी। वहीं मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के रहीमपुर रुदौली में एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।

इसके अलावा उजियारपुर थाना क्षेत्र में भी पुरानी रंजिश को लेकर हिंसक झड़प होने की बात सामने आई है। वैनी थाना क्षेत्र स्थित चंदौली में एक महिला के साथ मारपीट के बाद बवाल का मामला सामने आया है। सबसे शर्मनाक तस्वीर मथुरापुर थाना क्षेत्र के नगर बस्ती से सामने आई, जहां ताजिया मिलान के दौरान दो गुटों में जमकर मारपीट हुई। हालात संभालने पहुंची पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया गया। बताया जा रहा है कि, इस क्रम में बीच–बचाव करने गए करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और बाद में सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया।


इन तमाम घटनाओं के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि, जब प्रशासन पहले से अलर्ट होने का दावा कर कर रहा था, कथित रूप से एसपी, डीएसपी, एसडीओ, सीओ, बीडीओ सहित सभी पदाधिकारी एक्शन मोड में थे, जगह–जगह दंडाधिकारी तैनात किए गए थे, संबंधित थानों की पुलिस भी जगह–जगह तैनात थी। इतनी जबरदस्त तैयारी के बावजूद आखिर इतनी बड़ी घटनाएं कैसे हो गईं? क्या प्रशासन के शान्ति पूर्ण मुहर्रम का दावा सिर्फ बैठक, फोटो सेशन और मिडिया कवरेज के लिए था? अगर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत थी, तो जिले में हत्या और पुलिसकर्मियों की पिटाई जैसी घटनाएं कैसे हुई? फिलहाल पूरे मामले को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और जिले में दहशत एवं तनाव का माहौल बना हुआ है।

Related Articles

Back to top button