डीएम सावन कुमार ने बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों के साथ की समीक्षात्मक बैठक
डीएम सावन कुमार ने बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों के साथ की समीक्षात्मक बैठक

जे टी न्यूज़, सुपौल: समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिला पदाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारियों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल संसाधन विभाग के सभी प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं एवं संबंधित पदाधिकारियों के साथ बिंदुवार समीक्षा की गई। जिले के सभी 06 जल संसाधन प्रमंडलों द्वारा बाढ़ पूर्व कराए गए कटाव निरोधी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि सभी आवश्यक कटाव निरोधी कार्य निर्धारित समय के भीतर पूर्ण कर लिए गए हैं। डीएम ने सभी अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्र के संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थलों का नियमित रूप से स्वयं स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही प्रत्येक स्थल पर उपस्थिति पंजी संधारित कर निरीक्षण एवं उपस्थिति का विधिवत अंकन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया। डीएम ने अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) को विशेष रूप से पश्चिमी तटबंध पर सतत् एवं सघन निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही अन्य सभी जल संसाधन प्रमंडलों के अंतर्गत भी नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग कार्य निरंतर जारी रखने का निर्देश दिया गया, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।सभी संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देशित दिया गया कि वे अपने-अपने अनुमंडल क्षेत्रान्तर्गत सभी बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील स्थलों का नियमित निरीक्षण एवं सतत निगरानी करते रहें तथा किसी भी प्रकार की प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष को सूचित करते हुए आवश्यक कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। डीएम ने यह भी निदेश दिया गया कि बाढ़ एवं सुखाड़ जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए संबंधित पदाधिकारी की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।

आयोजित बैठक मे उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) मो. तारिक, अपर समाहत्ता सच्चिदानंद सुमन, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी चंद्रभूषण कुमार के साथ-साथ जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग के वरीय पदाधिकारी, सभी कार्यपालक अभियंता, संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी, सभी बाढ़ प्रभावित अंचलों के अंचलाधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।


