बिना शर्त महिला आरक्षण कानून लागू करने की मांग पर महिला संगठनों ने विपक्षी दलों को ज्ञापनबिना शर्त महिला आरक्षण कानून लागू करने की मांग पर महिला संगठनों ने विपक्षी दलों को ज्ञापनदिया

बिना शर्त महिला आरक्षण कानून लागू करने की मांग पर महिला संगठनों ने विपक्षी दलों को ज्ञापन दिया

जे टी न्यूज़, पटना: महिला आरक्षण कानून से जनगणना और परिसीमन की शर्त हटाकर इसे तत्काल लागू करने की मांग पर राष्ट्रीय स्तर पर महिला संगठनों ने संयुक्त अभियान शुरू किया है। इसके तहत आज पटना में महिला संगठनों की तरफ से एक प्रतिनिधि मंडल इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों से मिला और अपनी मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा । राजद के राज्य अध्यक्ष श्री मंगनीलाल मंडल, भाकपा माले के राज्य सचिव कामरेड कुणाल, कांग्रेस के प्रतिनिधि, भाकपा, माकपा और अन्य दलों से मिलकर इस प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि इन दलों के सांसद लोकसभा और राज्यसभा के मानसून सत्र में महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए सरकार पर दबाव डालें।


महिलाओं ने कहा कि भाजपा केवल झूठ फैलाने काम कर रही है। उसे महिलाओं को आरक्षण देने की चिंता नहीं है वह तो महिला आरक्षण की आड़ लेकर मनमर्जी तरीके से साम्प्रदायिक विभाजन कर परिसीमन करना चाहती है। वह इस देश के लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है।
महिला संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि वे इन दलों से यह भी आग्रह करती हैं कि बिहार विधानसभा से भी इस बाबत एक प्रस्ताव पारित करवाया जाना चाहिए।महिलाओं के प्रतिनिधि मंडल में ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, उपाध्यक्ष सरोज चौबे, बिहार महिला समाज की अध्यक्ष निवेदिता झा, पूर्व अध्यक्ष सुशीला सहाय, ऐडवा की उपाध्यक्ष रामपरी, बिन्दु कुमारी, नारी गुंजन की पद्मश्री सुधा वर्गीज, राजद की मुकुंद सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता अख्तरी बेगम, निरंतर की सुष्मिता, रत्ना प्रिया आदि शामिल थीं।

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