बांकीपुर का संदेश: भीड़ से नहीं, मतदाता के भरोसे तय होती है जीत

बांकीपुर का संदेश: भीड़ से नहीं, मतदाता के भरोसे तय होती है जीत


जे टी न्यूज़, पटना : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा धीरे-धीरे हार की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। ऐसा लग रहा था कि चुनाव प्रचार में केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आना ही बाकी रह गया था। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहले ही प्रचार में उतर चुके थे।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को आखिर चुनाव प्रचार में आने की जरूरत क्यों पड़ी? यदि किसी प्रत्याशी की अपनी पकड़ मजबूत हो, तो इतने बड़े नेताओं की लगातार मौजूदगी की आवश्यकता कम पड़ती है।

10 राउंड की मतगणना के बाद प्रशांत किशोर अपनी बढ़त लगातार बढ़ाते नजर आ रहे हैं। यदि यही रुझान अंतिम परिणाम तक कायम रहता है, तो यह केवल एक सीट का परिणाम नहीं होगा, बल्कि चुनावी रणनीति और जनविश्वास पर भी चर्चा का विषय बनेगा।

राजनीति का एक सिद्धांत हमेशा याद रखना चाहिए—प्रभावशाली लोगों का साथ तभी लाभ देता है, जब जनता उसे स्वीकार करे। यदि किसी नेता की छवि को मतदाता नकारात्मक मानता है, तो उसका प्रभाव लाभ के बजाय नुकसान भी पहुँचा सकता है। अंततः लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता के मत से होता है, न कि केवल बड़े चेहरों की मौजूदगी से।

बस इतना याद रखिए जो गलत आदमी है उसका कितना भी प्रभाव होगा उसका उपयोग करने नहीं देगा आपको .. लेकिन इसका दुष्प्रभाव आपके ऊपर पड़ जाएगा

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