जमीन हमारी,हक हमारा, नहीं चलेगा,जुल्म तुम्हारा। जान देंगे माई और माटी का सौदा कभी न करेंगे। जमीन हमारा हुकुम तुम्हारा नहीं चलेगा।
जमीन हमारी,हक हमारा, नहीं चलेगा,जुल्म तुम्हारा।
जान देंगे माई और माटी का सौदा कभी न करेंगे। जमीन हमारा हुकुम तुम्हारा नहीं चलेगा।
जे टी न्यूज़, पटना : सरकार को किसानों की चिंता नहीं,वे हमारी जमीन जबरदस्ती हड़पना चाहती है। पटना के ऐतिहासिक गोलघर के निकट से अन्नदाताओं का विशाल कारवाँ जान देंगे,जमीन नहीं देंगे, सैटेलाइट सिटी नहीं हमे स्मार्ट गांव चाहिए। प्रवासी बिहारियों के लिए गाँव-गाँव में कृषि आधारित उद्योगों का जाल बिछाओ का गगनभेदी नारा लगाते हुए,कदम- कदम फौजी अंदाज में जुलूस आगे बढा। जुलूस का नेतृत्व किसान नेता जगपति सिंह, ई अनिल कुमार सिंह,विनोद सिंह, सौरभ प्रियदर्शी,धर्मेंद्र कुमार चौहान,पवन कुमार,राजेश कु रंजन, देव कुमार सिंह,रमेश सिंह, मनीष कुमार आदि कर रहे थे। जुलूस जेपी गोलंबर पर लगे बैरिकेड को पार कर आगे बढ़ा और डाकबंगला चौराहा पर पुलिस से नोकझोंक भी हुआ। किसान आगे बढ़ाने के लिए अड़े हुए थे और मुख्यमंत्री से मिलने का आग्रह कर रहे थे।
यह लड़ाई सिर्फ जमीन की नहीं,बल्कि हमारे अस्तित्व की,हमारी आजीविका की और हमारी आनेवाली पीढियों के भविष्य की है।अब किसान सरकारी बहकावे में आनेवाले नहीं है।सरकार एक तरफ लोगों के बीच भ्रम फैलाने के लिए कहती है कि किसानों की मर्जी के खिलाफ उनकी जमीन नहीं ली जाएगी।मगर हमारी जमीन छीनने के लिए वे एकतरफा कार्रवाई तेज कर रही है।किसानों की बिना मर्जी के जमीन की खरीद- बिक्री पर रोक लगा दी। नया मकान बनाने पर भी रोक लगा दी। अब किसानों के गुस्सों को देखकर लोगों के बीच भ्रम फैलाने के लिए उस आदेश को वापस ले लिया।परन्तु जमीन हथियाने के लिए भुमि सर्वे करने के लिए अमीनों को भेजा जा रहा है। सारे तिकड़म और साजिशे रची जा रही है।लोगों को बरगलाने,फुसलाने और ठगने की कोशिश हो रही है। झूठा प्रचार किया जा रहा है। किसान सभी सरकारी चाल को समझ गया है।किसान अपनी जमीन और हक के लिए अपनी आवाज बुलंद करने आज पटना आए हैं। हम सरकार को समझाने आये है कि हम अपनी जान दे देंगे,परन्तु अपनी धरती माता को कभी न देंगे। हम अपनी जमीन और अपने बच्चों का भविष्य बचाने हेतु एकजुट है और एकजुट रहेंगे।हम अंतिम सांस तक लड़ेंगे और सभी सरकारी साजिशों को बेनकाब करेंगे। किसान नेता अशोक प्रसाद सिंह ने कहा कि एक तरफ ठगने के लिए कहा जा रहा है कि किसानों की इच्छा से जमीन लेंगे और दूसरी तरफ वे नई -नई चाल चल रही हैं।किसानों को कैसे लोभ के मायाजाल में फंसाया जाए।इसके लिए उन्होंने चार स्टेप बनाया है। पहले वे लैंड पुलिंग के द्वारा ठगना चाहेंगे। यदि उसमें किसान नहीं फंसेगे,तो दूसरा वे समझौता निगोशिएटेड सेटलमेंट करेंगे। यदि उसमें भी किसान नहीं फंसेंगे तो तीसरा भूमि खरीद या अधिग्रहण के साथ कई लुभावने पासा फेंकेगे और यदि उस पर भी किसान नहीं तैयार हुए, तब सरकार हाइब्रिड मॉडल में मिश्रित कार्रवाई में जोर जबरदस्ती से जमीन हथियाने के लिए दमनात्मक करवाई करेंगे।कृषि पर आधारित पूरा समाज आज सरकारी चाल के खिलाफ एकजुट है। सरकार को दिल्ली किसान आंदोलन की तरह हम झुकने के लिए मजबूर करेंगे।देव कुमार सिंह,धर्मेंद्र कुमार चौहान,
सौरभ प्रियदर्शी, ई अनिल कुमार सिंह,ई मदन मोहन सिंह,मनीष कुमार,डाॅ विनय कुमार सिंह,
सुमित आनंद,मनीष कुमार,मंटू कुमार यादव,महेश प्रसाद सिंह,जालंधर यदुवंशी,राजेश कुमार रंजन,रवि कुमार,नीतीश कुमार,राजू कुमार,जयपति सिंहा,उदय नारायण,डॉ संजीव वर्मा,विनोद सिंह,विनोद सिंह,सुरेश सिंह,संजय कुमार सिंह,जितेंद्र कुमार सिंह,नवीन सहनी,शत्रुघ्न यादव,सुमन कुमार, नितेश कृष्णव,संजय कुमार सिंह,गोपाल शर्मा,आदि ने सभा को संबोधित किया



