ईख उत्पादक किसानों का बेतिया समाहरणालय पर विशाल धरना ईख का मुख्य 650 रुपए निर्धारित करो करो
ईख उत्पादक किसानों का बेतिया समाहरणालय पर विशाल धरना ईख का मुख्य 650 रुपए निर्धारित करो करो

जे टी न्यूज़, बेतिया : बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ की पश्चिम चम्पारण जिला कमिटी द्वारा ईख उत्पादक किसानों के मांगों के लिए 26 सितंबर को बेतिया समाहरणालय पर धरना दिया गया।
अखिल भारतीय गन्ना किसान महासंघ के राष्ट्रीय वित्त सचिव तथा बिहार राज्य ईख उत्पादक संघ के महासचिव प्रभुराज नारायण राव ने बताया कि देश के गन्ना किसानों की हालत बड़ा ही खराब है। बिहार में गन्ना का मूल्य सबसे कम है। लेकिन चीनी मिल मालिकों को जनता की पैसे से राहत दी जा रही है। अभी चीनी के दाम में बेतहाशा वृद्धि होने से चीनी मिल मालिकों के गोदाम में तथा जमाखोरों के गोदाम में रखे चीनी को बेच कर भारी मुनाफा कमाया और देश की जनता को लूटा गया है।लेकिन जनता को लूटने वाले चीनी मिल मालिकों और जमाखोरों पर कोई कानूनी कार्रवाई मोदी सरकार नहीं कर रही है। विडंबना यह कि बिहार का कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने चीनी के दाम में हुई बढ़ोतरी पर खुशी जाहिर कर किसानों को भारी लाभ बतलाया है।तो ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने चीनी के दाम में हुई बढ़ोतरी से बिहार के लोगों पर कोई असर नहीं पढ़ने की बात कहीं है । क्योंकि बिहार में चीनी की बीमारी से बहुत सारे लोग ग्रसित हैं। इसलिए चीनी नहीं खाते हैं । सरकार के मंत्रीगण अपने बेतुके बयान से किसानों तथा आम जनता गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने ने कहा कि आज मोदी सरकार किसानों की जमीनों को कॉर्पोरेट के हाथों में दे देने की योजना पर काम कर रही है। भारत अमेरिका कृषि समझौता कर अमेरिका में उत्पादित अनाजों को भारत में बिना किसी टैक्स के बेचने की खुली छूट दे दी है। जिसे भारत में उत्पादित किसानों के फसलों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि बिहार की सरकार बिहार में 15 नई चीनी मिल तथा 9 पुराने चीनी मिलों को चालू करने का निर्णय अपने प्रथम कैबिनेट में लिया था। लेकिन अभी तक चीनी मील एक भी चालू नहीं हुई।
किसान सभा की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य चांदसी प्रसाद यादव ने कहा कि सासामुसा चीनी मिल को कबाड़ी के हाथों बेच दिया गया।चीनी मिल के मशीनों को काट कर बेचा जा रहा है।इस चीनी मिल पर किसानों और मजदूरों का करोड़ो रुपए बकाया है।उनके पैसे देने की सरकार के पास कोई योजना नहीं है।15 दिन पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सासामुसा चीनी मिल को को चालू करने की घोषणा किया।तो फिर मिल क्यों काटा जा रहा है।यह किसानों को धोखा देना नहीं तो और क्या है।
ईख उत्पादक संघ के जिला सचिव मो. वहीद ने बताया कि गन्ना से इथेनॉल बनाकर पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाया जा रहा है। लेकिन पेट्रोल की कीमत में लगातार बढ़ोतरी ही होती जा रही है। इसलिए अब इस सरकार पर से किसानों का भरोसा उठ गया है ।
ईख उत्पादक संघ के जिला अध्यक्ष लालबाबू यादव ने कहा कि हमें संघर्ष के रास्ते पर चलना हीं होगा। गन्ना का दाम 650 रुपए प्रति क्विंटल करने, चीनी मिल द्वारा की जा रही घटतौली पर रोक लगाने, सभी किस्म के गन्ना के लिए समान रूप से चालान निर्गत करने, गन्ना से चीनी बनने के बाद बायो प्रोडक्ट के रूप में बनने वाले बिजली, इथेनॉल, खाद,स्प्रीट आदि के मुनाफे का आधा हिस्सा किसानों को देने, चनपटिया चीनी मिल को सहकारिता के माध्यम से चालू कर किसानों और मिल मजदूरों के बकाये पैसे का भुगतान शुगर कन्ट्रोल एक्ट 1966 के अनुसार ब्याज सहित भुगतान करने , किसानों को चीनी मिल के सुरक्षित क्षेत्र से मुक्त करने,ईख को 3 ग्रेड में बांटने की प्रक्रिया को समाप्त कर किसानों को लूट से बचाने,किसानों को खाद,बीज अनुदानित दर पर बगैर ब्याज मुहैया करने,वोट चोर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने,बिहार में छात्राओं के साथ हो रहे गुंडागर्दी और बढ़ते अपराध पर के दोषी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस्तीफा देने आदि मांगों को लेकर जिला पदाधिकारी को मांग पत्र दिया गया।

धरना को पश्चिम चम्पारण किसान सभा के जिला सचिव प्रकाश कुमार वर्मा,अध्यक्ष रामा यादव,खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष मो. हनीफ,सीटू के राज्य सचिव शंकर कुमार राव,जिला अध्यक्ष नीरज बरनवाल,मनोज कुशवाहा,संजय राव,सुनील यादव,जयनाथ प्रसाद,शिवजी भगत,उमेश यादव आदि ने संबोधित किया।
