कमला बराज पश्चिमी तटबंध सुखी सायफन के बीच क्षतिग्रस्त
कमला बराज पश्चिमी तटबंध सुखी सायफन के बीच क्षतिग्रस्त

जे टी न्यूज़, जयनगर :
जयनगर अगामी बरसात एवं बाढ़ का मौसम आने वाला है मगर कमला नदी के तटबंध जर्जर होने के कारण मच सकती है भीषण तबाही। नदी नदी के तटबंध के किनारे बसे आधे दर्जन से अधिक ग्रामीण इलाकों जो तटबंध के सहारे बसे है। यदि जर्जर तटबंध को मरम्मत नहीं करवाया गया तो जान माल का काफी नुकसान हो सकता है। कमला नदी से सुखी खजौली तक जाने वाली पश्चिमी तटबंध लगभग 12 किलोमीटर पूर्णत जर्जर हो गई है। हर साल बाढ़ आने के पूर्व झंझारपुर बाढ़ नियंत्रण 2 के द्वारा तटबंध को रिपेयर कर काम चलाओ बना दिया जाता है मगर जयनगर से कोहरिया गांव तक जगह जगह पर सैकड़ों जगह तटबंध पूर्णत जर्जर हो गए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के नाते प्रशासन के लिए तटबंध को मजबूत करना एक चुनौती बना हुआ है ।वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों के द्वारा ट्रैक्टर चढ़ाने उतारने के लिए रास्ता बनाने से तटबंध की स्थिति जर्जर हो गई। खासकर पश्चिमी तटबंध जिस पर जल संसाधन विभाग के द्वारा सड़क निर्माण करना की खबर सुनते ही तटबंध किनारे बसे लोगों ने वर्तमान में बहुत सी जगह खरंजा करण का ईटी भी गायब कर दिया है।

कमला रोड के बांध,डोरबार,सिंगराही,कोरहिया गांव के तटबंध की के पास तटबंध के ऊपर के ईटा पूर्णत गायब हो जाने के कारण स्थिति काफी विकट है। डोरबार के ग्रामीण बिहारी यादव,सरोज यादव,सनू मुखिया ने बताया हमेशा बाढ़ का खतरा बना रहता है। पश्चिमी तटबंध काफी पुराना है चुका है। साथ ही आने जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वही इस संबंध में कई बार वरीय अधिकारी से लेकर विधायक को आवेदन देने पर स्थिति जस की तस है।
इस संबंध बाढ़ नियंत्रण कार्यपालक पदाधिकारी झंझारपुर गुलाम गैस ने बताया की बाढ़ से आने से पहले पश्चिम तटबंध को रिपेयर कर लिया जाएगा । इस पर सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो गया है । असामाजिक तत्वों के द्वारा कुछ जगह पर अतिक्रमण सहित इटा चोरी को लेकर केश दर्ज कराया गया है । अगस्त 2025 तक पूर्वी एवम पश्चिम तटबंध पर सड़क निर्माण कर नए मार्ग खोले जायेंगे।




