जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, कारण और इसका नियंत्रण” विषय पर कार्यशाला का आयोजन
जे टी न्यूज़, सुपौल : अनूपलाल यादव महाविद्यालय त्रिवेणीगंज,सुपौल, बिहार के आईक्यूएसी के तत्वाधान एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.जयदेव प्रसाद यादव के संरक्षण में वनस्पति विज्ञान से संबंधित- “जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, कारण और इसका नियंत्रण” विषय पर कार्यशाला का आयोजन वनस्पति विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो.अशोक कुमार की अध्यक्षता में की गई। कार्यशाला का संचालन भी अध्यक्ष सह आईक्यूएसी समन्वयक प्रो.अशोक कुमार द्वारा किया गया। प्राचार्य महोदय, प्रो.अशोक कुमार,डॉ.सुदीत नारायण यादव, प्रो.सूर्य नारायण यादव द्वारा विषय-वस्तु पर विस्तार से अपना-अपना विचार प्रकट किया गया। विद्वानों ने बताये कि जलवायु परिवर्तन हमारे पारिस्थितिकी तंत्र और समाज को प्रभावित करता है।दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन के कारण को रोकने और नियंत्रण करने की कोशिश की जा रही है।जलवायु परिवर्तन के कई कारणों में से वृक्षों की अंधाधुंध कटाई मुख्य कारण है। वृक्षों की संख्या घट रही है।वृक्षों की कटाई से कार्बन डाइऑक्साइड का मात्रा बढ़ रहा है। पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है। ग्लोबल वार्मिंग का खतरा मंडरा रहा है और ओजोन लेयर फटने का भी भय है। जलवायु परिवर्तन का प्रभाव,समय और स्थान के हिसाब से अलग-अलग ढंग हो रहा है। कहीं बाढ़ है तो, कहीं सुखाड़। कहीं जंगलों में आग लग रहा है तो, कहीं समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है, कहीं भूमि रेगिस्तान में परिवर्तित हो रहा है तो, कहीं अतिवृष्टि हो रही है।
समुद्र में अम्ल का मात्रा बढ़ाना, तूफान, चक्रवात, कई जीव जंतु के प्रजाति का विलुप्त होना, कई पौधों की जाती पर भी खतरा मंडरा रहा है, जो एक भयावह स्थिति है। अगर जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण नहीं किया गया तो, जल्द ही कई प्रजाति के पेड़ पौधे एवं जंतु के नष्ट होने की संभावना है। सर्वप्रथम तो नियंत्रण हेतु अधिक संख्या में वृक्षारोपण आवश्यक है। कार्यशाला में महाविद्यालय के प्राध्यापक गण प्रो.सुरेंद्र प्रसाद यादव,प्रो.देवनारायण यादव, प्रो. कमल किशोर यादव, प्रो.चंद्र किशोर यादव, प्रो.अरुण कुमार, प्रो.अरविंद कुमार, प्रो.विद्यानंद यादव, प्रो.शंभू यादव, निशांत कुमार, रोशन कुमार, रणजीत सिंह, शिव कुमार, अजीत कुमार, मुस्कान कुमारी, अमीषा कुमारी, दिव्या कुमारी, प्रियांशु कुमारी, प्रियंका कुमारी, रंजूषा सुमन, लवली कुमारी, बालकिशोर कुमार, हीरेंद्र कुमार तथा अन्य उपस्थित थे।



