नीतीश के राज्यसभा जाते ही नावकोठी में लालटेन युग की हुई शुरुआत
नीतीश के राज्यसभा जाते ही नावकोठी में लालटेन युग की हुई शुरुआत

जे टी न्यूज, नावकोठी, बेगूसराय:-
प्रखण्ड क्षेत्र अन्तर्गत काफी उमस भरी गर्मी, बिजली की अनियमित आपूर्ति एवं बिजली की आंख मिचौली से विद्युत उपभोक्ता काफी परेशान है। विद्युत उपभोक्ताओं में आंदोलन की शुगबुगाहट देखी जा रही है।बिजली पर निर्भर रहने वाले उपभोक्ताओं के समक्ष बिजली आपूर्ति को लेकर गंभीर समस्या बनी हुई है।भयंकर कुभलाती गर्मी में भी लोड शेडिंग के कारण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नावकोठी बिजली विभाग के कनीय अभियंता विमल कुमार साहा ने बताया कि मंझौल ग्रीड से बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण लोड शेडिंग होता है।बिजली उपलब्ध रहने पर विद्युत आपूर्ति की जाती है।एसडीओ मंझौल राजीव रंजन ने बताया कि एनटीपीसी में कुछ गड़बड़ी के कारण कम विद्युत उत्पादन होता है, जिसके वजह से लोड सेडिंग की समस्या बनी हुई है।विदित हो कि मंझौल पावर ग्रिड से नावकोठी सब स्टेशन के साथ हमेंशा सौतेला व्यवहार किया जाता है।नावकोठी पावर ग्रिड की बिजली खपत 4 से 5 मेगावाट है।मंझौल पावर ग्रिड से बिजली आपूर्ति जीरो कर दिया जाता है जिसके कारण क्षेत्र में बिजली सप्लाई बंद करना पड़ता है।जबकि 33 केवीए के डबल संचरन लाइन मंझौल और बखरी के बावजूद जीरो कर दिया जाता है जिसके वजह से लोड सेडिंग की समस्या संपूर्ण प्रखंड वासी एक साथ झेलने पर मजबूर हैं। लगभग 15 दिनों से कभी दो घंटा, कभी चार घंटा,कभी रात-रात भर तो कभी संध्या 6 बजे से लेकर 12 बजे रात्रि तक बिजली गायब रहती है।संध्या होते ही विद्युत आपूर्ति में लोड सेडिंग की वजह से खासकर महिलाओं को खाना बनाने एवं छात्र -छात्राओं को पढ़ने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।विद्यार्थियों से जब शिक्षक होमवर्क नहीं बनाने के बारे में पूछते हैं तो उनका सीधा सा जवाब होता है लाइन कटा हुआ था जिसके वजह से नहीं बना पाए।इसकी जिम्मेदारी कौन लेंगे।एक तरफ गर्मी का प्रकोप लगातार बनी हुई है। नया-नया रिकॉर्ड स्थापित हो रहे हैं।ऐसी स्थिति में बिजली का गायब होना आश्चर्यजनक है। विद्युत उपभोक्ताओं ने बताया कि एक ओर बिहार सरकार यह घोषणा करते नहीं थक रही है कि बिहार विद्युत उत्पादन में आत्मनिर्भरता के साथ बिजली बेचने की स्थिति में आ गई है। दूसरी और भयानक और कुंभलाती गर्मी में बिजली की आंख मिचौली और अनियमितता लगातार जारी है।कभी दिन तो कभी रात बिजली गुल रहने से जनजीवन अस्त व्यस्त रहता है।इससे सरकारी घोषणाओं की पोल खुल रही है।लोग गर्मी से परेशान होकर रात में रतजगा करने पर मजबूर हैं।एक ओर भीषण गर्मी तो दूसरी और घंटों बिजली बंद रहने से उपभोक्ताओं का जीना दुश्वार हो गया है।बिजली कम मिलने के कारण सप्लाई में हो रहे अनियमितता से उपभोताओं का आक्रोश स्थानीय बिजली विभाग के कर्मचारियों को झेलना पड़ रहा है।वहीं बिजली ऑपरेटर आदित्य कुमार, शुभंकर कुमार,ललित कुमार,राजेश कुमार ने बताया की ड्यूटी के दौरान गाली -गलौज की नौबत आ जाती है।वहीं बिजली विभाग के वरीय पदाधिकारी सुधरने को तैयार नहीं है।सिर्फ स्मार्ट मीटर लगाने से बिजली व्यवस्था में सुधार होगा ऐसा प्रतीत नहीं होता। एग्जीक्यूटिव बेगूसराय फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझ रहे हैं।किरासन तेल की बिक्री बन्द और विद्युत आपूर्ति भी बंद फिर विद्युत उपभोक्ता आखिर क्या करें,यह सबसे यक्ष प्रश्न है।

