एलएनएमयू ने इंटर्नशिप को लेकर जारी किया नया निर्देश, बिना स्वीकृति वाले एमओयू निरस्त

एलएनएमयू ने इंटर्नशिप को लेकर जारी किया नया निर्देश, बिना स्वीकृति वाले एमओयू निरस्त


दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा ने स्नातक सेमेस्टर–5 (सत्र 2023–27) के छात्र-छात्राओं की इंटर्नशिप प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब छात्र-छात्राएँ सरकारी विभागों, पंजीकृत गैर-सरकारी संस्थाओं, उद्योगों, शोध संस्थानों, स्थानीय निकायों, मीडिया संस्थानों तथा अन्य मान्यता प्राप्त संस्थाओं में इंटर्नशिप कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्र-छात्राएँ स्वयं भी अपनी रुचि एवं विषयानुसार इंटर्नशिप संस्थान का चयन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त स्वयं प्लस जैसे सरकारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी इंटर्नशिप कर सकते हैं।
विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय ने कुछ संस्थाओं की सूची जारी की है, जिनके साथ विश्वविद्यालय का कार्यशील समझौता (फंक्शनल एमओयू) है। इनमें एडुटेक सिस्टम, बिहार रूरल लाइवलीहुड्स प्रमोशन सोसाइटी, एससीएच टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, ईज़ीइंटर्न एसडीपी टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड तथा तिरहुत लोक सेवा संस्थान, समस्तीपुर सहित अन्य संस्थाएँ शामिल हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि विश्वविद्यालय की पूर्व प्रशासनिक स्वीकृति के बिना महाविद्यालयों द्वारा किए गए सभी समझौता ज्ञापन (एमओयू) तत्काल प्रभाव से निरस्त माने जाएंगे। साथ ही सभी महाविद्यालयों एवं इंटर्नशिप नोडल पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि छात्र-छात्राओं को इंटर्नशिप प्रारंभ करने से पूर्व आवश्यक मार्गदर्शन एवं स्वीकृति उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।


इधर, छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कुछ महत्वपूर्ण मांगें भी उठाई हैं। छात्र नेताओं का कहना है कि अधिसूचना में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इंटर्नशिप कराने वाली संस्थाएँ छात्र-छात्राओं से किसी प्रकार का शुल्क लेंगी या नहीं। उन्होंने आशंका जताई कि स्पष्ट दिशा-निर्देश के अभाव में विद्यार्थी आर्थिक शोषण का शिकार हो सकते हैं।
छात्र संगठनों ने मांग की है कि विश्वविद्यालय संबंधित संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश जारी करे कि इंटर्नशिप के नाम पर विद्यार्थियों से कितना शुल्क लिया जाएगा अथवा कोई शुल्क लिया जाएगा या नहीं। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।


इसके अतिरिक्त छात्र नेताओं ने इंटर्नशिप प्रक्रिया की निगरानी के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर जिम्मेदार पदाधिकारियों की एक मॉनिटरिंग समिति गठित करने की मांग की है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं छात्रहित में संचालित हो सके तथा विद्यार्थियों को वास्तविक प्रशिक्षण और अधिकतम लाभ प्राप्त हो।
विश्वविद्यालय के इस निर्णय को इंटर्नशिप प्रक्रिया में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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