घायल छात्रों से अस्पताल में जाकर राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव मिले
घायल छात्रों से अस्पताल में जाकर राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव मिले

जे टी न्यूज, सिवान: विदित हो कि 25 जुलाई, 2026 को बिहार बंद के दौरान सीवान में हुए छात्र-प्रदर्शन पर पुलिस के द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलायी गई थीं। उस दिन छात्र संगठनों के द्वारा नीट पेपर लीक के खिलाफ बिहार बंद का आह्वान किया गया था। जिसमें विपक्षी दलों के द्वारा भी बिहार बंद का समर्थन किया गया था। उस दिन सीवान में सुबह से ही प्रदर्शनकारियों के द्वारा सड़क को जाम कर दिया गया था, जिससे यातायात बाधित हो गया था। फलतः पुलिस ने निहत्थे छात्रों पर बल प्रयोग किया, लाठी चार्ज किया और अन्ततः पुलिस के द्वारा गोलियां चलायी गई। गोली काण्ड में तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए जिनका इलाज मेदांता अस्पताल में हुआ हैं। इन तीनो छात्रों से अस्पताल में जाकर राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव मिले थे तथा उन छात्रों से भेंट कर उनके उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त की। घायल छात्रों के नाम हैं : (1) श्री आकाश कुमार यादव, इन्हें पैर में गोली लगी, (2) श्री बुलेट कुमार गौड़, इन्हें कंधे के पास गोली लगी तथा (3) नाबालिग मो० आरिफ जिनके गर्दन के समीप गोली लगी। बताया जाता है कि एक-एक से पुलिस के द्वारा फायरिंग की गई थी। अभी तक इन तीनो छात्र पूर्णरूपेण स्वस्थ नहीं हो पाए हैं।

अतः ऐसी परिस्थिति में राष्ट्रीय जनता दल, बिहार के निर्णय के आलोक में पार्टी के द्वारा घटना की स्थलीय जांच कराने तथा पुलिस और प्रशासन के द्वारा अबतक की गई कार्रवाई की अद्यतन जानकारी प्राप्त करने हेतु 07 सदस्ययी टीम ने आज सिवान जाकर पीड़ित परिजनों से मुलाकात की l जाँच टीम में बिहार विधानसभा के पूर्व मुख्य सचेतक अख्तरुल इस्लाम शाहीन, पूर्व अध्यक्ष, बिहार विधान सभा एवं पूर्व मंत्री अवध बिहारी चौधरी, विधायक मो० ओसामा शाहाब, अलख निरंजन उर्फ वीनू यादव, राष्ट्रीय महासचिव, जितेन्द्र कुमार राय, पूर्व मंत्री, बिहार एवं वर्तमान माननीय विधायक, विनोद जायसवाल, विधान पार्षद, विपिन कुशवाहा, जिलाध्यक्ष, सीवान जिला इकाई, राजद शामिल थे l

जाँच दल ने घटना की तीव्र निन्दा करते हुए इसकी न्यायिक जांच कराने, गोली चलाने का आदेश देने वाले पुलिस पदाधिकारी तथा गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त करने, प्रत्येक पीड़ित परिजनों को 25 लाख रुपये का मुआवजा तथा सरकारी नौकरी देने व शासन का इकबाल बहाल करने की मांग की l



