स्वास्थ्य कर्मियों के आंदोलन का आलोक मेहता ने किया समर्थन, सरकार से पुनर्विचार की मांग
स्वास्थ्य कर्मियों के आंदोलन का आलोक मेहता ने किया समर्थन, सरकार से पुनर्विचार की मांग

जे टी न्यूज, समस्तीपुर: बिहार में स्वास्थ्य संस्थानों में लागू की गई *बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था* के विरोध मे स्वास्थ्य कर्मियों की मांगो का पूर्व मंत्री सह उजियारपुर विधायक आलोक कुमार मेहता ने जायज ठहराया है l राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं उजियारपुर विधायक आलोक कुमार मेहता ने स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों का पूर्ण समर्थन किया है। पूर्व मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों की जमीनी हकीकत को देखे बिना लागू की गई यह व्यवस्था अव्यावहारिक है। विशेष रूप से *महिला स्वास्थ्यकर्मियों* को इस व्यवस्था से काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ड्यूटी के दौरान फील्ड विजिट, टीकाकरण, डिलीवरी केस, इमरजेंसी सेवा और बच्चों की जिम्मेदारी के कारण समय पर मशीन पर उपस्थिति दर्ज कराना उनके लिए संभव नहीं हो पाता है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क, बिजली और मशीन के खराब रहने की समस्या भी आम है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह स्वास्थ्य कर्मियों की इन व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से ले और इस व्यवस्था पर तत्काल पुनर्विचार करे। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति को देखते हुए मैनुअल उपस्थिति, फोटो बेस्ड अटेंडेंस या लचीली व्यवस्था लागू की जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों।

श्री मेहता ने सरकार से अपील की है कि वह स्वास्थ्य कर्मियों की जायज मांगों पर सकारात्मक पहल करे। स्वास्थ्य कर्मी जनता की सेवा में दिन-रात लगे रहते हैं, उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
