हमें तुम मिल गए जिन्दगी मिल गई
हमें तुम मिल गए जिन्दगी मिल गई
जे टी न्यूज़
हमें तुम मिल गए जिन्दगी मिल गई,
दिल के दयार में कलियाँ खिल गई।
हमें तुम मिल गए मुख पे लाली सी छा गई,
लबों को मीठे एहसास की प्याली मिल गई।
हमें तुम मिल गए मैं नई-नई सी हो गई,
सूखी सी मन की डाली हरी-भरी हो गई।
हमें तुम मिल गए साँसे जवाँ-जवाँ हो गई,
हसरतें मचलने लगी रूह-ए-रवाँ हो गई।

हमें तुम मिल गए आँखों को रौशनी मिल गई,
जिन्दगी के तन्हा सफर में चाँदनी खिल गई।
हमें तुम मिल गए खुशियों की लड़ियाँ मिल गई,
भटकते हुए मुसाफिर को एक आशियाँ मिल गई।
अनुपमा सिंह सोनी
