मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी की मांग को लेकर तमाड़ में माकपा और किसान सभा का प्रदर्शन, पुतला दहन
सुफल महतो बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त को सुरक्षा देने के बजाय उनके खिलाफ लगे आरोपों की हो जांच; 26 नवंबर को राजभवन में किसान महापड़ाव का आह्वान
मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी की मांग को लेकर तमाड़ में माकपा और किसान सभा का प्रदर्शन, पुतला दहन
सुफल महतो बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त को सुरक्षा देने के बजाय उनके खिलाफ लगे आरोपों की हो जांच; 26 नवंबर को राजभवन में किसान महापड़ाव का आह्वान

जे टी न्यूज,
तमाड़ (रांची) :झारखंड राज्य किसान सभा एवं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को तमाड़ के बिनसाईडीह में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया बंद करने की मांग करते हुए उनका पुतला दहन किया। इस दौरान केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। साथ ही 26 नवंबर को राजभवन के समक्ष किसान महापड़ाव में शामिल होने का आह्वान किया गया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए माकपा राज्य सचिव मंडल के सदस्य एवं झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सुफल महतो ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि लगभग साढ़े 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का मुद्दा गंभीर है और निर्वाचन आयोग को इस संबंध में देश की जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
सुफल महतो ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने एसआईआर के विरोध को घुसपैठियों के समर्थन से जोड़ने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि यदि इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार को भी स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं और इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को जेड श्रेणी की सुरक्षा दिए जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी कार्यप्रणाली को लेकर उठ रही आपत्तियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सुफल महतो ने घोषणा की कि मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी और एसआईआर के विरोध में आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने 26 नवंबर को राजभवन के समक्ष आयोजित होने वाले किसान महापड़ाव में बड़ी संख्या में किसानों और मजदूरों से शामिल होने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करो’, ‘एसआईआर बंद करो’, ‘लोकतंत्र बचाओ-ज्ञानेश हटाओ’, ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ और ‘लोकतंत्र का गला घोंटना नहीं चलेगा’ जैसे नारे लगाए।
इस अवसर पर माकपा राज्य सचिव मंडल सदस्य समीर दास, सुरेश मुंडा, जिला कमेटी सदस्य लोधरो मुंडा, जेहरू लाल मुंडा, किसान नेता सहदेव मुंडा, घासीराम स्वासी, विशेश्वर महतो, शिवेश्वर महतो, मनबोध मुंडा, पुष्कर मुंडा, भोंदू मुंडा, सुंदर लाल, सुबोध महतो, दुर्गा चरण मुंडा, शशिकला देवी, सुकुमनी देवी, बाबी देवी, रमनी देवी, लालमनी देवी, सोबरनी देवी, नीलमनी देवी, सरला देवी, होलिका देवी, मोचन महतो, रामा स्वासी, मनमोहन महतो, गौर सिंह मुंडा, मंशी महतो एवं बोशबू महतो सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित थे।


