कर्नल एकेडेमी में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बाल अधिकार, पॉक्सो कानून, व्यक्तिगत सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव की दी गई जानकारी
कर्नल एकेडेमी में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बाल अधिकार, पॉक्सो कानून, व्यक्तिगत सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव की दी गई जानकारी
जे टी न्यूज
कटिहार: कटिहार के सिरसा स्थित कर्नल एकेडेमी में बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों एवं सम्मानजनक जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को बाल अधिकार, व्यक्तिगत सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, बुलिंग तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो), 2012 की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में श्री फारुक आलम ने बचपन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, स्वतंत्र और सम्मानजनक वातावरण में रहने तथा शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने बाल श्रम, बाल शोषण, बाल विवाह और भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
श्री अवधेश कुमार (असिस्टेंट एलएडीसी) ने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत सुरक्षा और अनुचित व्यवहार की पहचान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी असहज परिस्थिति में बच्चों को डरने या चुप रहने के बजाय अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा विश्वसनीय वयस्कों से सहायता लेनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अनुचित गतिविधि को छिपाना बच्चों की जिम्मेदारी नहीं है।
श्री अमृत कृष्णा ने बुलिंग, डराने-धमकाने और भेदभाव से दूर रहने की सलाह देते हुए आपसी सहयोग, सहानुभूति एवं संवेदनशीलता का महत्व बताया। कार्यक्रम में इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर भी चर्चा हुई।
कर्नल एकेडेमी के प्रमुख कर्नल अक्षय यादव ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी भी है। प्रत्येक बच्चे को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने और अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करने का अधिकार है।
विद्यालय के निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि सुरक्षित बचपन ही उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी है। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को जागरूक, आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों ने अपने अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और ऑनलाइन गतिविधियों से संबंधित प्रश्न पूछे। वक्ताओं ने उनके प्रश्नों का सरल भाषा में उत्तर दिया।
समापन अवसर पर प्रधानाचार्य अनिल के.सी. के नेतृत्व में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने बाल सुरक्षा, समानता और सम्मान को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन ने सभी वक्ताओं, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।

