खेल एवं शारीरिक शिक्षा निदेशालय में व्याख्यान कक्ष का उद्घाटन, प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम का शुभारंभ

खेल एवं शारीरिक शिक्षा निदेशालय में व्याख्यान कक्ष का उद्घाटन, प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम का शुभारंभ

जे टी न्यूज, दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के खेल एवं शारीरिक शिक्षा निदेशालय के आंतरिक क्रीड़ा-सभागार (इंडोर हॉल) में एक भव्य एवं गरिमामय समारोह संपन्न हुआ। इस समारोह में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने उद्घाटनकर्ता सह मुख्य अतिथि के रूप में निदेशालय के व्याख्यान कक्ष का उद्घाटन किया तथा सत्र 2026-27 से आरंभ होने वाले खेल प्रशिक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम का भी शुभारंभ किया।
समारोह का आरंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान से हुआ। मंचासीन अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात् खेल एवं शारीरिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो अजय नाथ झा ने मिथिला की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक पाग, चादर एवं मिथिला पेंटिंग भेंट कर सभी मंचासीन अतिथियों को सम्मानित किया। अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्होंने अपने स्वागत भाषण में कहा कि
खेल एवं शारीरिक शिक्षा निदेशालय वास्तव में कुलपति के सपनों का
साकार रूप है। उन्होंने बताया कि कुलपति के दिशा निर्देशन में विश्वविद्यालय के खेल एवं संस्कृति विभाग ने अनेकों उपलब्धियां हासिल की हैं जो कि न केवल मिथिलांचल, बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कुलपति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए यह विश्वास जताया कि उनकी दिशा निर्देशन में यह निदेशालय भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा। इस समारोह में मंच संचालन डॉ प्रियंका राय ने किया।
समारोह में सम्मानित अतिथि के रूप में शिक्षा संकाय के संकायाध्यक्ष शशि भूषण रॉय, मानविकी संकाय की संकायाध्यक्ष डॉ पुनीता झा, सामाजिक विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो ध्रुव कुमार तथा विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो दिलीप कुमार चौधरी उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर से इस निदेशालय को कुलपति की स्वप्न-परियोजना बताया।
शिक्षा संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो शशि भूषण रॉय ने कहा कि शारीरिक शिक्षा संपूर्ण शिक्षा की आत्मा है और यह निदेशालय कुशल शारीरिक शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों की नई पीढ़ी तैयार करेगा। उन्होंने कुलपति की इस दूरदर्शी पहल को विश्वविद्यालय के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होने योग्य बताया।
मानविकी संकाय की संकायाध्यक्ष डॉ पुनीता झा ने कहा कि खेल और संस्कृति एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और मिथिला की धरती पर यह नई खेल-धारा उसकी गौरव-यात्रा को और समृद्ध करेगी। उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान (डब्ल्यू.आई.टी.) का उल्लेख करते हुए कहा कि बंद होने की कगार पर पहुँचे इस संस्थान को कुलपति ने नया जीवन दिया जो आज ध्रुव तारे की भाँति प्रकाशित होकर बिहार में नाम रोशन कर रहा है।


सामाजिक विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो ध्रुव कुमार ने कहा कि खेल समाज को जोड़ने की सबसे सशक्त भाषा है और यह निदेशालय ग्रामीण एवं वंचित पृष्ठभूमि की प्रतिभाओं, विशेषकर बेटियों को आगे बढ़ने का मंच देगा। उन्होंने कहा कि कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक ही नहीं, खेल एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में भी नए आयाम स्थापित किए हैं।
विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो दिलीप कुमार चौधरी ने कहा कि आज का खेल विज्ञान और तकनीक से गहराई से जुड़ा है और दोनों का समन्वय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को नई ऊँचाई देगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने खेल एवं सांस्कृतिक जगत में अपना परचम लहराया है। मुझे खुशी है कि कुलपति के मार्गदर्शन में मिथिलांचल का गौरव, डब्ल्यूआईटी और विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों के खेल एवं संस्कृति को गति देने वाला पी.जी.एथलेटिक्स पुनः जीवंत हुआ है जिसके कारण आज चारों दिशाओं में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय का गौरव-गान हो रहा है और विश्वविद्यालय का विजय पताका लहरा रहा है।


मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने उपस्थित सभी खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्हें अनुशासन, परिश्रम और खेल-भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों की सजगता एवं कठिन परिश्रम की सराहना की और विश्वास जताया कि यह निदेशालय ऐसे खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक तैयार करेगा जो मिथिलांचल और बिहार का गौरव बढ़ाएँगे। ज्ञातव्य है कि निदेशालय का उद्घाटन माननीय कुलाधिपति (राज्यपाल) द्वारा 22 अप्रैल, 2026 को किया गया था। बी.पी.एड. एवं एम.पी.एड. पाठ्यक्रम हेतु राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एन.सी.टी.ई.) में आवेदन प्रक्रियाधीन है। निदेशालय का लक्ष्य खेल-प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षित प्रशिक्षकों के निर्माण, आधुनिक खेल-आधारभूत संरचना के विकास तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सहभागिता को बढ़ावा देना है।
धन्यवाद ज्ञापन निदेशालय की सलाहकार समिति के सदस्य सह विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो विजय कुमार यादव ने किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस समारोह में विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, विश्वविद्यालय के पदाधिकारीगण, विभिन्न महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य, डॉ प्रभात दास फाउंडेशन के सचिव, शिक्षकेत्तरकर्मी, विद्यार्थीगण एवं विभिन्न संस्थानों के खेल प्रेमियों के साथ मीडिया बन्धु उपस्थित रहें।

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