*गांधी के हत्यारों से लड़ कर देश बचाना है*

*गांधी के हत्यारों से लड़ कर देश बचाना है*
प्रभुराज नारायण राव


वो गद्दी के लिए देखो देश जला रहा है
कितना शातिर है आदमी को खा रहा है
चौकीदार हूं देश का खुद को बतलाता रहा
सारी संपत्ति देश का खुद ही लुटाता रहा
लग गई खाने की लत छोड़ने को तैयार नहीं
भोग विलास उड़नबाजी छोड़ने को तैयार नहीं
मिटा रहा उस दरवाजे को जिधर से आया था
बेच दिया उसे देश को जिसे दोस्त बनाया था
अब इसे अपना वो विरासत समझ बैठा है
संघ भाजपा का कुनबा शासक समझ बैठा है
बाबा साहब के संविधान को हमें बचाना है
गांधी के हत्यारों से लड़ कर देश छुड़ाना है

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