पुलिस की गुंडागर्दी:* बेकसूर को थानेदार द्वारा जबरन घर से उठाकर बेहरमी से किया गया पिटाई,मरणासन्न स्थिति में धमकी देकर थाने से बॉन्ड पे छोड़ा गया
इस मामले में जेटी न्यूज द्वारा प्रमुखता से ख़बर प्रकाशित करने पर एसपी द्वारा थानेदार का किया गया निलंबन आखिर क्यों नहीं गैर जिम्म्मेदार थानेदार, इंस्पेक्टर व डीएसपी पर इसी थाने में प्राथमिकी दर्ज हो?
*पुलिस की गुंडागर्दी:* बेकसूर को थानेदार द्वारा जबरन घर से उठाकर बेहरमी से किया गया पिटाई,मरणासन्न स्थिति में धमकी देकर थाने से बॉन्ड पे छोड़ा गया
इस मामले में जेटी न्यूज द्वारा प्रमुखता से ख़बर प्रकाशित करने पर एसपी द्वारा थानेदार का किया गया निलंबन
आखिर क्यों नहीं गैर जिम्म्मेदार थानेदार, इंस्पेक्टर व डीएसपी पर इसी थाने में प्राथमिकी दर्ज हो?

जेटीन्यूज
समस्तीपुर/भागलपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले में अल आधे दर्जन से भी अधिक संख्या में अपराधी प्रवृत्ति के पुलिस पदाधिकारी के पदस्थापित होने के कारण जिले में अपराध नियंत्रण करना असंभव सा प्रतीत होता जा रहा है । थानेदार से लेकर पुलिस कप्तान तक की क्रियाकलापों से ऐसा प्रतीत होता है कि पैसा कमाने के लिए प्राप्त कर्मियों से साठ गांठ होती जा रही है । जिस कारण जिले में पुलिस पदाधिकारी की होली काफी बुलंद है जिस कारण वे निर्दोष पर भी गुंडागर्दी करने से परहेज नहीं करते हैं ताजा मामला सुरंजन थाना का है । सुरंजन प्रभारी राज सरकार के एक मंत्री के प्रिय होने के कारण कोई ऐसा दिन नहीं जहाँ उसके एरिया में अपराध नहीं होता हो , आखिर क्यों?

अपराधी को बचाने के लिए निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर बेहरमी से पिटाई का मामला सामने आया है। जब अखबार में और वेबसाइट सोशल मीडिया पर इस मामला सामने लाया तो । पुलिस कप्तान विनय तिवारी ने आनंन फांनंद में केवल थाना प्रभारी को निलंबित कर अपने कर्तव्य का निर्वाह किया है। जिस प्रकार से युवक की पिटाई की गई है क्या पुलिस अधीक्षक से पहले सहायक पुलिस अधीक्षक और पुलिस आरक्षी निरीक्षक का जवाबदेही नहीं बनता था कि ऐसे थानेदार को निलंबित करें और उन पर आपराधिक मामला दर्ज करें। शायद पुलिस अधीक्षक के संरक्षण में फल फूल रहे जिले में अपराधी प्रवृत्ति के अधिकारियों को विभिन्न थाने में थाना प्रभारी बनाकर बिहार और समस्तीपुर को लूटने की छूट देने और अपराधियों को फ्री घूमने सज्जन लोगों को आर्थिक मानसिक टॉर्चर करने की छूट दिए जाने की आम चर्चा है ।

क्या जिला पुलिस कप्तान सिंह सुरंजन थानेदार को केवल निलंबित कर मामला को दबाने का प्रयास और अपराधियों का बचाने के दिशा में कार्यरत हैं? हालांकि जेटीन्यूज इस बात की पुष्टि नही करता,लेकिन दबे जवान लोग यह जरूर कह रहे है कि इस मामले में एसपी द्वारा थानेदार का निलम्बन करके उसे बचाया जा रहा है,बल्कि कायदे से उसी थाने में थानेदार,इंस्पेक्टर, डीएसपी पर प्राथमिकी दर्ज की जाय।




