बी.एड. प्रथम वर्ष (2025-27) के छात्रों का संपन्न हुआ प्रेरण सत्र
बी.एड. प्रथम वर्ष (2025-27) के छात्रों का संपन्न हुआ प्रेरण सत्र

जे टी न्यूज, दरभंगा: बीएमए कॉलेज, बहेड़ी के बी. एड. प्रभाग में सत्र (2025-27) के प्रथम वर्ष के छात्रों का दमदार प्रेरण सत्र प्रधानाचार्य प्रोफेसर (डॉक्टर) कुशेश्वर यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। प्रशिक्षु छात्रों की अच्छी संख्या में उपस्थिति उनकी शिक्षण के प्रति अपार प्रेम एवं सच्ची लगन को प्रदर्शित कर रहा था। सभी शिक्षकों ने अपना विचार रखते हुए छात्रों को हर तरह से संवर्धित करने का वादा किया। जहां विभागाध्यक्ष डॉ सुजित कुमार द्विवेदी ने बताया कि हमारे पूर्वज भी आदि काल से ही इस प्रकार सत्र छात्रों के बीच आयोजित करते आ रहे थे, वहीं डॉ. रविन्द्र कुमार चौधरी ने छात्रों को विस्तारपूर्वक विषय वस्तु एवं उनके पाठ्यक्रमों के संबंध में बताया।

अन्य वक्ताओं के रूप में डॉ. राजेश कुमार, डॉ. कुमारी सरिता आदि ने अपना विचार रखा। सर्व प्रथम प्रधानाचार्य प्रोफेसर यादव को विभागाध्यक्ष एवं उपस्थित शिक्षकों ने बुके देकर स्वागत किया। तत्पश्चात् दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। द्वितीय वर्ष के छात्र रमेश कुमार एवं सीताराम ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। प्रथम वर्ष के कुछ छात्रों ने भी अपना अनुभव साझा करते हुए शिक्षण- प्रशिक्षण को गौण रखते हुए सिभिल सेवा को अपना लक्ष्य बताया। इस पर प्रधानाचार्य ने ऐसे छात्रों को अपने मनोनुकूल लक्ष्य मात्र पर ही अपना ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी और बताया कि यही सफलता का मूल मंत्र है।

अभिवाभक के दवाब में आकर लक्ष्य निर्धारित करने वाले छात्र अच्छी सफलता प्राप्त नहीं कर सकते। प्रधानाचार्य ने प्रेरण सत्र के उद्देश्य को बिस्तार से समझाते हुए बताया कि विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर एवं सहपाठियों तथा अन्य कर्मचारियों के साथ नेटवर्किंग बनाकर वे एक अच्छा समुदाय बना सकते हैं जहां वे अपना सार्वांगिण विकास कर पाएंगे। आगे प्रधानाचार्य ने उनके किसी भी कठिनाई के समाधान का आश्वासन देते हुए सख्त हिदायत दिया कि वर्ग में 80 प्रतिशत उपस्थिति सभी छात्रों के लिए अत्यावश्यक है। इस आयोजन में बीएड प्रभाग के शिक्षकेत्तर कर्मी के साथ-साथ सामान्य प्रभाग प्रधान सहायक, प्रधान लेखापाल एवं अन्य लोगों का भी सराहनीय योगदान रहा।

अंत में डॉक्टर मोहम्मद सलामुद्दीन द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। मंच संचालन इन्द्र कुमार एवं सम्राट कुमार तथा डॉ. कुमारी सरिता द्वारा किया गया।
