सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले बनेंगे ‘राह वीर’ सुपौल जिले में राह वीर (गुड सेमेरिटन) योजना के
सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले बनेंगे ‘राह वीर’
सुपौल जिले में राह वीर (गुड सेमेरिटन) योजना के लिए अनुशंसा आमंत्रित

जे टी न्यूज, सुपौल:
सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराकर जीवन रक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा लागू ‘राह वीर (Good Samaritan) योजना’ को जिले में प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने की दिशा में जिला परिवहन कार्यालय, सुपौल द्वारा व्यापक पहल की जा रही है।बिहार सरकार के परिवहन विभाग एवं बिहार सड़क सुरक्षा परिषद द्वारा निर्गत निर्देशों के आलोक में सुपौल जिले में भी राह वीर योजना के अंतर्गत योग्य व्यक्तियों के नामों की अनुशंसा आमंत्रित की गई है। यह योजना 21 अप्रैल 2025 से प्रभाव में है।
गोल्डन आवर में सहायता से बचती है अनमोल जान
विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा — जिसे “गोल्डन आवर” कहा जाता है — किसी घायल व्यक्ति के जीवन के लिए अत्यंत निर्णायक होता है। यदि इस अवधि में घायल को नजदीकी अस्पताल तक पहुँचा दिया जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
हालांकि अक्सर देखा गया है कि कानूनी भय, भ्रम या सामाजिक संकोच के कारण लोग दुर्घटनास्थल पर सहायता के लिए आगे नहीं आते, जिससे समय पर उपचार न मिल पाने के कारण कई बहुमूल्य जिंदगियां असमय समाप्त हो जाती हैं।
इसी मानसिकता को बदलने तथा मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा राह वीर (गुड सेमेरिटन) योजना प्रारंभ की गई है।

₹25,000 की पुरस्कार राशि के साथ मिलेगा सम्मान
योजना के अंतर्गत ऐसे नागरिक, जो किसी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को स्वेच्छा से सहायता करते हुए गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल पहुँचाते हैं, उन्हें ‘राह वीर’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा तथा ₹25,000 (पच्चीस हजार रुपये) की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर जिले में चयनित राह वीरों को सम्मानित किए जाने की योजना है।
जिले के सभी स्टेकहोल्डर्स से अनुशंसा की अपील
जिला परिवहन कार्यालय, सुपौल द्वारा जिले के सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स—आम नागरिक,वाहन चालक
पुलिस एवं यातायात पुलिस,स्वास्थ्य विभाग
एंबुलेंस सेवा प्रदाता,
सामाजिक व स्वयंसेवी संगठन
पंचायत प्रतिनिधि,
शैक्षणिक संस्थान आदि
से अनुरोध किया गया है कि वे ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर राह वीर योजना के अंतर्गत अनुशंसा उपलब्ध कराएं, जिन्होंने सड़क दुर्घटना में घायलों की सहायता कर मानवता का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
गुड सेमेरिटन को मिलेगा पूर्ण कानूनी संरक्षण
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सड़क दुर्घटना पीड़ित की सहायता करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।गुड सेमेरिटन को कानून के तहत उन्हें पूर्ण संरक्षण प्राप्त है तथा पुलिस या अस्पताल द्वारा किसी प्रकार का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं किया जा सकता।
क्या कहते है अधिकारी
इस संबंध में जिला पदाधिकारी, सुपौल सह अध्यक्ष जिला सड़क सुरक्षा समिति ने कहा—
“सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतें समय पर इलाज न मिल पाने के कारण होती हैं। यदि आम नागरिक थोड़ी-सी संवेदनशीलता दिखाते हुए घायल को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुँचा दें, तो अनगिनत जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।”
उन्होंने आगे कहा—
“राह वीर योजना का उद्देश्य लोगों के मन से डर निकालना और यह विश्वास दिलाना है कि दुर्घटना में मदद करना अपराध नहीं, बल्कि सबसे बड़ा सामाजिक कर्तव्य है। ऐसे नागरिक समाज के सच्चे नायक हैं और उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए।”
इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी सुपौल ने बताया कि
“सुपौल जिले में हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ें, आगे आएं और मानव जीवन बचाने की इस मुहिम का हिस्सा बनें।”
जन-जागरूकता ही इस अभियान का मूल उद्देश्य
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि राह वीर योजना केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य समाज में यह संदेश देना है कि—
दुर्घटना में घायल की मदद करना नैतिक दायित्व है।भय नहीं, मानवता को प्राथमिकता दें।
एक नागरिक भी जीवनरक्षक बन सकता है।
आम जनमानस से अपील
जिला परिवहन कार्यालय, सुपौल की ओर से आम लोगों से अपील की गई है कि यदि वे किसी सड़क दुर्घटना के साक्षी बनते हैं, तो पीछे न हटें, डरें नहीं और घायल व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएँ।
आपकी एक पहल किसी परिवार की खुशियाँ लौटा सकती है।
परिवहन विभाग का स्पष्ट संदेश है —
“दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुँचाइए, एक जीवन बचाइए और ‘राह वीर’ बनिए।”


