जयनगर में वित्तीय साक्षरता एवं सामाजिक-आर्थिक विकास कार्यशाला आयोजित, जीविका दीदियों को किया गया जागरूक
जयनगर में वित्तीय साक्षरता एवं सामाजिक-आर्थिक विकास कार्यशाला आयोजित, जीविका दीदियों को किया गया जागरूक
जे टी न्यूज़, जयनगर:
मधुबनी जिले के जयनगर स्थित बाबा पोखर परिसर के एक सभागार में सामाजिक एवं आर्थिक विकास कार्यशाला के अंतर्गत वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जयनगर अनुमंडल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने भाग लेकर वित्तीय प्रबंधन, साइबर सुरक्षा एवं माइक्रो फाइनेंस से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ जयनगर थाना के एसआई अमित कुमार एवं नीतीश कुमार, डिविजनल मैनेजर अमित कुमार गुप्ता, एरिया मैनेजर सुनील कुमार तथा ब्रांच मैनेजर गोविंद कुमार सौरभ ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद अतिथियों ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए वित्तीय साक्षरता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यशाला में जयनगर, नरार, देवधा, लदनियां, बासोपट्टी सहित अनुमंडल के विभिन्न क्षेत्रों से आई जीविका दीदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, बैंकिंग सेवाओं की सही जानकारी देना तथा डिजिटल लेन-देन और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना था।
एसआई अमित कुमार ने अपने संबोधन में साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को कभी भी ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या एटीएम संबंधी गोपनीय विवरण साझा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई संदिग्ध कॉल या संदेश प्राप्त हो तो उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें और तुरंत संबंधित बैंक अथवा पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने लोगों से बैंक के आधिकारिक मोबाइल एप का ही उपयोग करने तथा सुरक्षित माध्यम से लेन-देन करने की अपील की।
एरिया मैनेजर सुनील कुमार ने माइक्रो फाइनेंस से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी देते हुए कहा कि किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर ऋण लेने या गारंटर बनने से पहले पूरी जिम्मेदारी को समझना आवश्यक है। यदि मूल ऋणधारक ऋण नहीं चुकाता है तो गारंटर को भुगतान करना पड़ सकता है, जिससे उसकी वित्तीय साख और सिविल (CIBIL) रिकॉर्ड भी प्रभावित हो सकता है।
ब्रांच मैनेजर गोविंद कुमार सौरभ ने बताया कि देशभर में लगभग 2800 माइक्रो फाइनेंस संस्थान कार्यरत हैं, जो दो लाख से पांच लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने शिक्षा ऋण सहित विभिन्न वित्तीय योजनाओं की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी और कहा कि सही जानकारी एवं वित्तीय अनुशासन से आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।

कार्यक्रम के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। जयनगर थाना से आए अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर फ्रॉड की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक को सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने अपील की कि यदि किसी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी या वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो वह बिना देर किए संबंधित थाना में शिकायत दर्ज कराए।
कार्यशाला के अंत में वक्ताओं ने ज्ञान, जागरूकता और आत्मनिर्भरता को बेहतर जीवन निर्माण की आधारशिला बताते हुए प्रतिभागियों से प्राप्त जानकारी को समाज के अन्य लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने वित्तीय साक्षरता और सुरक्षित बैंकिंग के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।

