*प्रो अशोक कु०मेहता संपादित ‘ईक्षणम्’ ग्रन्थ का कुलपति प्रो० संजय कुमार चौधरी ने किया लोकार्पण।*
ऐसे जबरदस्त लेखनी से समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है - कुलपति।
*प्रो अशोक कु०मेहता संपादित ‘ईक्षणम्’ ग्रन्थ का कुलपति प्रो० संजय कुमार चौधरी ने किया लोकार्पण।*
ऐसे जबरदस्त लेखनी से समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है – कुलपति।

जेटीन्यूज़
दरभंगा: अच्छी पुस्तकों के प्रकाशन का समाज पर काफी गहरा प्रभाव पड़ता है। प्रो अशोक कुमार मेहता प्रशासनिक पदों पर रहते हुए भी निरंतर अपने लेखन कार्य से दूसरों के लिए प्रेरक बने हुए हैं। उक्त बातें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने डॉ महेन्द्र नारायण राम लिखित ग्रन्थों पर आधारित प्रो मेहता द्वारा सम्पादित समीक्षा ग्रन्थ ‘इक्षणम्’ का विश्वविद्यालय भौतिकी विभाग में मुख्य अतिथि के रूप में लोकार्पण करते हुए कही। कुलपति ने प्रो मेहता को पुस्तक सम्पादन हेतु बधाई एवं शुभकामना देते हुए कहा कि सम्पादक/लेखक इसी तरह अच्छी-अच्छी पुस्तकों का लेखन करें, ताकि समाज पर सकारात्मक प्रभाव डाला जा सके।
डॉ महेन्द्र नारायण राम ने अपने अंदर उत्पन्न साहित्य-लेखन की चर्चा करते हुए कहा कि मेरी साहित्यिक रचना गत 26 वर्षों से जारी है, जिसकी प्रेरणा मुझे मेरे पीएच डी शोध-प्रबंध पर आधारित प्रकाशित ग्रन्थ से मिली। विद्यापति सेवा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ बुचरू पासवान ने कहा कि डॉ महेन्द्र नारायण राम ने अब तक 51 ग्रन्थों की रचना की हैं, जिनका सार संग्रह के रूप में ईक्षणम् हमारे सामने है। आज मैं बहुत ही आह्लादित हूं कि मैं डॉ महेन्द्र नारायण राम का ससुर हूं। विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ बैद्यनाथ चौधरी ‘बैजू’ ने कहा कि प्रो मेहता हमारी मातृभाषा मैथिली को इसी तरह आगे बढ़ते रहेंगे।

अध्यक्षीय संबोधन में विद्यापति पीठ के संरक्षक डॉ भीमनाथ झा ने कहा कि लिखित साहित्य का मूल आधार लोक साहित्य ही है, जिसे डॉ महेन्द्र समृद्ध बना रहे हैं। ईक्षणम् की समीक्षा करते हुए सीएम साइंस कॉलेज, दरभंगा के मैथिली विभागाध्यक्ष डॉ सत्येन्द्र कुमार झा ने कहा कि डॉ महेन्द्र नारायण राम का लेखन आम लोगों की गाथा पर आधारित है। इस ग्रन्थ में उनकी सभी रचनाओं की समीक्षा की गई है। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ से किया गया। डॉ सुरेश पासवान के संचालन में आयोजित समारोह में मैथिली के विभागाध्यक्ष प्रो दमन कुमार झा ने स्वागत संबोधन करते हुए विद्यापति पीठ की गतिविधियों का वर्णन किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ अभिलाषा कुमारी ने किया। इस अवसर पर प्रो विद्यनाथ झा, प्रो रमेश झा, डॉ मित्रनाथ झा, प्रो अरुण कुमार सिंह, प्रो सुरेन्द्र कुमार, डॉ आर एन चौरसिया, डॉ सुनीता कुमारी, डॉ शांभवी, डॉ योगेश्वर साह, डॉ मो ज्या हैदर, डॉ तनीमा, हरेन्द्र कुमार झा, हरिश्चन्द्र हरित, सहित काफी संख्या में शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।





