मौसम की मार से टूटे किसान, अब सरकार से राहत की आस: किशन दास

आंधी-तूफान से सीमांचल के किसान तबाह, मक्का फसल बर्बाद: सतीश कौशिक

मौसम की मार से टूटे किसान, अब सरकार से राहत की आस: किशन दास

आंधी-तूफान से सीमांचल के किसान तबाह, मक्काफसल बर्बाद: सतीश कौशिक

जे टी न्यूज, जोगबनी/सीमांचल:
सीमांचल क्षेत्र में बीती रात आई तेज आंधी, तूफान, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में लगी मक्का और गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
किसानों ने बताया कि उन्होंने अपनी पूरी जमा पूंजी लगाकर मक्का की खेती की थी, लेकिन अचानक मौसम के कहर ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। कई किसानों की एकड़ो में लगी फसल गिरकर नष्ट हो गई। फसल तैयार होने ही वाली थी, लेकिन उससे पहले ही बर्बादी ने उनकी उम्मीदें तोड़ दीं।
सीमांचल को मक्का उत्पादन का हब माना जाता है, जहां बड़े पैमाने पर किसान इस फसल पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में इस नुकसान ने किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है।


इस मामले को लेकर बथनाहा के पूर्व मुखिया सह भाजपा महादलित प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश सह-संयोजक एवं जोगबनी नगर परिषद वार्ड-17 के पार्षद सह भाजपा जोगबनी मंडल महामंत्री सतीश कौशिक ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि सरकार को आपदा राहत के तहत किसानों की क्षति का आकलन कर त्वरित सहायता उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।

मौसम की मार से टूटे किसान, अब सरकार से राहत की आस

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